अब यूपी में व्यापारी नहीं जाएंगे जेल, 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधान समाप्त

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने उद्योगपतियों और व्यापारियों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथकी अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में बाई सर्कुलेशन के माध्यम से “उत्तर प्रदेश सुगम व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) अध्यादेश-2025” के तहत राज्य में लागू 13 प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक अधिनियमों से लगभग 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया है.

अब अधिकांश उल्लंघनों में जेल की सजा के बजाय आर्थिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान होगा, दरअसल, योगी सरकार का यह कदम प्रदेश में व्यवसायिक वातावरण को और अधिक अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है. इस अध्यादेश का उद्देश्य व्यापारियों को अनावश्यक कानूनी जटिलताओं से मुक्ति दिलाना है. पहले इन अधिनियमों के तहत छोटी-मोटी गलतियों पर भी जेल की सजा का खतरा मंडराता था. अब सरकार का फोकस दंड को सुधारात्मक बनाने पर है, ताकि उद्यमिता को बढ़ावा मिले और आर्थिक विकास की गति तेज हो. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कदम केंद्र सरकार की ‘आसान कारोबार’ नीति के अनुरूप है और प्रदेश में निवेश आकर्षित करने में सहायक सिद्ध होगा.

हाई कोर्ट में होगी नियुक्तियां
इसी क्रम में कैबिनेट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में विभिन्न श्रेणियों के कुल 274 पदों की स्वीकृति प्रदान कर दी है. इनमें सहायक समीक्षा अधिकारी के 60 पद, समीक्षा अधिकारी के 149 पद, अनुभाग अधिकारी के 40 पद, सहायक निबंधक के 14 पद, उप निबंधक के 7 पद, संयुक्त निबंधक के 3 पद और निबंधक का 1 पद शामिल हैं. यह निर्णय न्यायिक ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया है, जिससे अदालतों में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी. न्याय विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इन नई नियुक्तियों से उच्च न्यायालय की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा.

पर्यावरण निदेशालय का नाम बदला

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है. कैबिनेट ने पर्यावरण निदेशालय का नाम बदलकर “पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय उत्तर प्रदेश” करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. यह परिवर्तन जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों पर प्रदेश की प्रतिक्रिया को मजबूत करने का संकेत है. निदेशालय अब जलवायु अनुकूलन, हरित ऊर्जा और सतत विकास पर अधिक जोर देगा, जो उत्तर प्रदेश को पर्यावरणीय नेतृत्व प्रदान करने में सहायक होगा.

भदोही में बनेगा नया विश्वविद्यालय

शिक्षा के प्रसार को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने प्रदेश के हर जिले में कम से कम एक विश्वविद्यालय स्थापित करने के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए भदोही जिले में नया विश्वविद्यालय स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया. इसके तहत काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर को काशी नरेश महाविद्यालय भदोही के रूप में उन्नत करने पर सहमति जताई गई है. यह कदम स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करेगा और पूर्वांचल क्षेत्र के शैक्षणिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. शिक्षा मंत्री का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिग्री स्तर की शिक्षा सुलभ हो जाएगी.

ऊंचाहार में बस स्टैंड
परिवहन विभाग के लिए भी अच्छी खबर है. रायबरेली जिले के ऊंचाहार में बस स्टैंड के निर्माण हेतु ग्राम पट्टी रहस कैध्वल की जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने हरी झंडी दिखा दी है. यह जमीन परिवहन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी, जिससे क्षेत्र में बेहतर परिवहन सुविधाओं का विकास संभव हो सकेगा. इससे ग्रामीण यात्रियों को राहत मिलेगी और सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा.