उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक होलिकोत्सव का शुभारंभ करते हुए होली के पावन पर्व को सामाजिक समरसता, सुरक्षा और विश्वास का उत्सव बताया। काला चश्मा पहनकर रंगोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के साथ उत्साहपूर्वक होली खेली और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि समाज में एकता, सौहार्द और आपसी विश्वास को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि उमंग और उल्लास के पर्व तभी अपनी पूर्ण गरिमा के साथ मनाए जा सकते हैं, जब समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण हो। उत्तर प्रदेश और देश आज इसी विश्वास के साथ प्रगति पथ पर अग्रसर हैं।
अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यदि हम प्रह्लाद की अटूट आस्था, शबरी की निष्काम भक्ति और अर्जुन की कर्तव्यनिष्ठा को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें, तो सकारात्मक शक्तियां स्वतः सशक्त होंगी और नकारात्मक शक्तियां स्वतः ही पराजित हो जाएंगी।
दुर्जन शक्ति के दमन के लिए ईश्वरीय प्रेरणा मार्गदर्शन देती है
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब-जब समाज में अराजकता और अशांति का वातावरण उत्पन्न होता है, तब सज्जन शक्ति के संरक्षण और दुर्जन शक्ति के दमन के लिए ईश्वरीय प्रेरणा मार्गदर्शन देती है।
मंदिर परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों पुरानी होली की परंपरा को भारत की ऋषि परंपरा ने जिस भाव और गरिमा के साथ आगे बढ़ाया है, आज की पीढ़ी भी उसी उत्साह के साथ उसे संरक्षित कर रही है।