सऊदी अरब गए UP के युवक की ईरान हमले में मौत, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में कल देर रात चीख पुकार मच गई. दरअसल, सऊदी अरब में काम करने गए युवक की ईरान-इजरायल संघर्ष में मौत होने का दावा किया जा रहा है. उनकी पत्नी का कहना है कि उसके पति का कल फोन आया. अच्छे से बात हो रही थी, लेकिन अचानक मोबाइल बंद हो गया. अगले दिन परिवार को युवक के दोस्त ने फोनकर जानकारी दी कि मिसाइल हमले में युवक की मौत हो गई है. इससे घरवालों के होश उड़ गए. उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन किया और जानकारी मांगी. परिजन अब मृतक के शव को वापस भारत लाने की गुहार लगा रहे हैं.

18 मार्च को हुई आखिरी बात
मामला महमूदाबाद थाना क्षेत्र के बघाइन गांव का है. यहां के रहने वाले 26 साल के रवि गोपाल 18 सितंबर 2025 को सऊदी अरब से रियाद शहर में काम करने गए थे. उसने सोचा था कि वह वहां कमाकर अपने परिवार का अच्छे से भरण पोषण कर पाएगा. उसने रियाद की एक प्लास्टिक फैक्टरी में काम करना शुरू कर दिया. मगर, 18 मार्च की रात रवि काम खत्म करके फैक्टरी में ही थे. करीब 8 बजकर 20 मिनट पर उसने पत्नी को फोन किया. हंसी खुशी बात हो रही थी, लेकिन फोन अचानक कट गया और बंद हो गया.

नहीं उठाया फिर फोन
इससे पत्नी घबरा गई. पीछे से तेज आवाज भी आई थी. इसके बाद गोपाल को कई बार फोन किया किया गया, लेकिन बंद आता रहा. अगले दिन 19 मार्च को बड़े भाई मनमोहन को रवि के सहयोगी रामनिवास यादव ने सूचना दी कि रियाद में हुए मिसाइल हमले में रवि की मौत हो गई है. बताया गया कि रियाद में स्थानीय समयानुसार शाम करीब 5 बजे हुए हमले में उनकी मौत हो गई. हालांकि इस घटना को लेकर अभी तक भारतीय एंबेसी या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

कौन-कौन हैं परिवार में?
परिजनों का कहना है कि उनके साथ रह रहे सहयोगी रामनिवास ने बताया कि रवि गोपाल का शव मिल गया है और उसे फ्रीजर में रखा गया है. घर पर उनकी वृद्ध मां हैं. परिजन शव को भारत लाने और आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं. बता दें, रवि गोपाल घर का इकलौता कमाने वाला लड़का था. उसने परिवार की गरीबी दूर करने के लिए सऊदी जाने का फैसला किया था. रवि की शादी 23 सितंबर 2020 को मिश्रपुर की रितु से हुई थी. शादी के बाद वह काम करने सऊदी चला गया. वर्ष 2025 में बहन की शादी के चलते वह घर आया था. 18 सितंबर 2025 को फिर काम करने सऊदी चला गया.

रवि की मौत की सूचना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. दो दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी परिजनों को कोई सहायता नहीं मिल रही है. परिजन शव वापस लाने के लिए भटक रहे हैं. डायल 112 पर सूचना के बाद भी प्रशासनिक जिम्मेदार मौके पर नहीं गए.