UP के डाॅयट होंगे स्मार्ट, बनेंगे डिजिटल स्टूडियो

प्रयागराज। परिषदीय स्कूलों में रोचक ढंग से पढ़ाई कराने पर बल दिया जा रहा है। सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में डिजिटल स्टूडियो बनाने की तैयारी है। यहां विषय विशेषज्ञ शिक्षक विभिन्न विषयों के वीडियो तैयार करेंगे। इसमें खास शिक्षण सामग्री समाहित की जाएगी। विशेष रूप से उन विषयों को शामिल किया जाएगा जिन्हें बच्चे कठिन समझते हैं।

वीडियो दिखाते हुए शिक्षण की व्यवस्था होगी
इन विषयों को समझाने के लिए किसी कहानी या घटना या गतिविधि को समाहित करते हुए वीडियो तैयार किया जाएगा। उसका प्रयोग स्मार्ट कक्षाओं वाले स्कूलों में किया जाएगा या फिर जिन जगहों पर स्मार्ट टीवी आदि का प्रबंध है, वहां वीडियो दिखाते हुए शिक्षण की व्यवस्था होगी। तैयार किया जाने वाला वीडियो पाठ्यक्रम में जुड़ रहीं नई चीजों को किस तरह पढ़ाया जाए उस पर फोकस करेगा।

‘डिजिटल स्टूडियो’ शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार की पहल
प्रयागराज के डाॅयट प्रवक्ता वीरभद्र प्रताप कहते हैं कि सेंटर फार एक्सीलेंस के तहत विकसित हो रहे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में स्थापित होने वाला ‘डिजिटल स्टूडियो’ शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार लाने की पहल है। इससे उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षिक सामग्री बनाने में मदद मिलेगी। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला कैमरा और वीडियो रिकार्डिंग सेटअप रहेगा। इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड/स्मार्ट पैनल लगेगा। इसका प्रयोग शिक्षकों को डिजिटल रूप से पढ़ाने और स्क्रीन पर लिखने/समझाने के लिए किया जाएगा।

कंप्यूटर की व्यवस्था की जाएगी
उन्होंने बताया कि आडियो सिस्टम ऐसा रहेगा जिससे स्पष्ट रिकार्डिंग हो सके। माइक्रोफोन, मिक्सर और साउंडप्रूफिंग उपकरण भी लगेंगे। वीडियो शूट के लिए ग्रीन स्क्रीन (क्रोमा की) और लाइटिंग सेटअप लगेगा। एडिटिंग साफ्टवेयर और कंप्यूटर की व्यवस्था की जाएगी। वीडीओ में आवश्यकता के अनुसार आकर्षक ग्राफिक्स जोड़ना संभव होगा।

शिक्षकों के लिए आनलाइन प्रशिक्षण सत्र होंगे
कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम से वीडियो को व्यवस्थित करने और उन्हें आनलाइन साझा करने में मदद मिलेगी। विभिन्न शैक्षिक चैनलों के लिए यहां वीडियो तैयार किए जाएंगे। स्टूडियो के माध्यम से दूर दराज के शिक्षकों के लिए आनलाइन प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। समय समय पर विशेषज्ञ लाइव कक्षाएं या प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित करेंगे। इन केंद्रों से जो वीडीओ बनेंगे उनका प्रयोग प्रदेशभर में होगा। थ्री डी ग्राफिक्स और एनिमेशन के माध्यम से जो पाठ्य सामग्री तैयार होगी वह सरल, रोचक होगी जिससे कक्षाओं को रुचिकर बनाया जा सकेगा।