टाउनशिप और उद्योग स्थापित करने को लेकर योगी सरकार उठाने जा रही खास कदम

Yogi government is going to take special steps to establish townships and industries.
Yogi government is going to take special steps to establish townships and industries.

UP News: उत्तर प्रदेश में अब नई टाउनशिप, उद्योग और व्यावसायिक प्रतिष्ठान लगाना आसान होने जा रहा है. इसके लिए राज्य सरकार ने नई नियमावली तैयार कर ली है, जिसमें डेवलपमेंट (विकास) शुल्क में 50 प्रतिशत तक की कमी का प्रस्ताव है. लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की अध्यक्षता में बनी प्रदेश स्तरीय समिति ने इस नियमावली को अंतिम रूप दे दिया है. शासन से मंजूरी मिलने के बाद इसे कैबिनेट में रखा जाएगा और फिर पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा.

ये आएंगे बदलाव
अभी एलडीए राजधानी में 2462 रुपये प्रति वर्ग मीटर विकास शुल्क लेता है, जिससे निवेशक शहर के बाहर उद्योग या टाउनशिप लगाने से कतराते हैं. नई नीति लागू होने के बाद यह शुल्क घटकर लगभग 1200 रुपये प्रति वर्ग मीटर या उससे भी कम रह जाएगा. प्रस्ताव के मुताबिक विकास शुल्क अब लोकेशन के हिसाब से तय होगा यानी शहर या हाइवे से जुड़े क्षेत्रों में थोड़ा अधिक, जबकि बाहरी या पिछड़े इलाकों में काफी कम होगा. इसके तहत स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, होटल, गोदाम और पेट्रोल पंप जैसे प्रतिष्ठान विकसित करना सस्ता हो जाएगा. एलडीए उपाध्यक्ष का कहना है कि यह कदम संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा देगा.

सीएम योगी के आदेशों पर तैयारी शुरू
इसी बीच प्रदेश सरकार ने औद्योगिकीकरण के नाम पर जमीन लेकर वर्षों से निष्क्रिय पड़े भूखंडों पर भी सख्ती का मन बना लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर औद्योगिक विकास विभाग ने करीब 8235 खाली औद्योगिक भूखंडों का आवंटन रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी है. इन भूखंडों के मालिकों ने जमीन तो ले ली, लेकिन उद्योग नहीं लगाए.

77 प्रतिशत भूखंडों का सर्वे पूरा
राज्य के सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों जैसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यीडा, यूपीसीडा, यूपीडा और गीडा में सर्वे कराया जा रहा है. 33,493 भूखंडों में से 77 प्रतिशत का सर्वे पूरा हो चुका है, जिसमें करीब 25 प्रतिशत भूखंड खाली पाए गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा खाली भूखंड यमुना एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) में हैं, जहां 3476 में से 3264 भूखंड खाली हैं. यूपीसीडा में 3667, गीडा में 290, सीडा में 101, ग्रेटर नोएडा में 416 और नोएडा में 497 भूखंड खाली मिले हैं.