हिमाचल में बढ़े प्रवेश शुल्क पर बवाल! पंजाब संगठनों का बॉर्डर पर प्रदर्शन, CM सुक्खू से टैक्स घटाने की मांग

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर प्रवेश शुल्क बढ़ाने के फैसले को लेकर विरोध शुरू हो गया है. पंजाब की विभिन्न जत्थेबंदियों ने हिमाचल-पंजाब सीमा पर गरामोडा के पास सांकेतिक धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शुल्क कम करने की मांग उठाई.

सीमा पर जत्थेबंदियों का सांकेतिक धरना
प्रदर्शन के दौरान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रवेश शुल्क बढ़ाने का फैसला लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहा है. उन्होंने इसे “जजिया टैक्स” बताते हुए कहा कि सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोग अक्सर अपने रिश्तेदारों से मिलने और धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए हिमाचल आते-जाते रहते हैं.

नैनादेवी आने-जाने में बढ़ेगी परेशानी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सीमा के पास ही शक्तिपीठ श्री नैनादेवी मंदिर स्थित है, जहां पंजाब से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नियमित रूप से आते हैं. ऐसे में बढ़े हुए प्रवेश शुल्क से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा. उनका कहना था कि अब गाड़ियों में पेट्रोल से ज्यादा टैक्स देना पड़ रहा है.

CM से शुल्क कम करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से प्रवेश शुल्क कम करने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सड़क पर उतरकर बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और वाहनों को आगे जाने से भी रोका जा सकता है.

उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
संगठनों ने कहा कि फिलहाल उन्होंने सांकेतिक विरोध दर्ज कराया है, लेकिन यदि सरकार ने बढ़े हुए प्रवेश शुल्क को वापस नहीं लिया तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी हिमाचल सरकार की होगी.

पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने भी जताई चिंता
इसी दौरान वहां से गुजर रहे प्रदेश के पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें इस फैसले की पूरी जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि वह पीजीआई चंडीगढ़ जा रहे हैं, जहां उनकी पत्नी का इलाज चल रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को प्रवेश शुल्क में इतनी ज्यादा बढ़ोतरी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे पर्यटन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.