पटना: बिहार में विधान परिषद् चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। नामांकन प्रक्रिया के चार दिन बीत गए लेकिन अब तक किसी भी दल की ओर से एक भी प्रत्याशी ने नामांकन पर्चा नहीं दाखिल नहीं किया है। इतना ही नहीं किसी भी दल ने अब तक उम्मीदवारों के नाम की घोषणा तक नहीं की है। इन सब के बीच जनता दल यूनाईटेड में सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे और मंत्री निशांत कुमार को लेकर दिल्ली गए हैं। संभावना है कि शुक्रवार शाम तक दोनों नेता पटना लौट जाएंगें। इसके बाद ही उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की जाएगी। हालांकि, जदयू सूत्रों की मानें तो निशांत कुमार का विधान परिषद् जाना तय है।
एक दिन पहले जदयू दफ्तर पहुंचे नीतीश कुमार
इधर, एक दिन पहले यानी बुधवार को जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष नीतीश कुमार खुद पार्टी दफ्तर गए थे। लगभग 15 मिनट तक वह रुके। हालांकि, इस दौरान कोई मंत्री मौजूद नहीं थे। जनसुनवाई में आए लोगों से भी नीतीश कुमार ने बातचीत की। उनकी समस्याओं को भी सुना। इसके बाद कहा कि चिंता मत कीजिए। आज लोग अच्छे से काम करते रहिए सब कुछ ठीक हो रहा है।
किन नामों पर लगेगी अंतिम मुहर?
नौ सीट में चार सीट फिलहाल जनता दल यूनाईटेड के पास है। जदयू से गुलाम गौस, भीष्म सहनी, कुमुद वर्मा, और श्रीभगवान सिंह कुशवाहा का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा है। वहीं जिस एक सीट पर उपचुनाव होना है, उस पर नीतीश कुमार विधान परिषद् गए थे। लेकिन, उनके राज्यसभा जाने के बाद से यह सीट खाली हो गई है। अब इस पर जदयू ही अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। फिलहाल, जदयू में कुर्मी जाति से निशांत कुमार, कोईरी से राजीव कुमार सिंह, अति पिछड़ा समाज से आने वाले ललन मंडल और अल्पसंख्यक समाज से आने वाले गुलाम रसूल बलियावी के नाम की चर्चा विधान परिषद् प्रत्याशी के रूप में सबसे ज्यादा चल रही है। अब देखना होगा कि नीतीश कुमार इनमें से किन नामों पर अंतिम मुहर लगाते हैं।