यूपी का ये शातिर क्रिमिनल जब भागा था तो ‘बच्चा’ था, अब पुलिस रिकॉर्ड में ‘सयाना’ हो गया

शाहजहांपुर। लखनऊ के तकरोही में मामा व मामी की गोली मारकर हत्या करने वाला आरोपित राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर से सात माह पहले दीवार फांदकर भाग गया था।प्रशासन का जब उसने सुरक्षा घेरा तोड़ा था तब वह नाबालिग था लेकिन अब बालिग हो चुका है। कांट पुलिस उस हत्यारोपित को गिरफ्तार करने में अब तक पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।

कहने को तो हाईटेक पुलिसिंग पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन कांट पुलिस एक अपराधी के सामने बेबस नजर आ रही है। लखनऊ के इंदिरानगर कालोनी निवासी नाबालिग(अब बालिग)तकरोही में मां के साथ अपने मामा राजेंद्र के पास रहता था। मामा व मामी सरोज की उसने जुलाई में गोली मारकर हत्या कर दी थी।

ममेरे भाई श्रवण को भी गोली मारकर घायल कर दिया था। उसका कहना था कि मां के प्रति खराब व्यवहार के कारण वह नाराज था। जिसके बाद आरोपित को गिरफ्तार कर यहां राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर भेजा गया था, लेकिन वह चार नवंबर को दीवार फांदकर यहां से भाग निकला।

जिस समय वह यहां से भागा था उसके छह माह बाद यानी 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उसे सम्प्रेक्षण गृह से जिला जेल में स्थानांतरित किया जाना था। इस मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी ने भी दो कर्मचारियों का वेतन रोककर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली थी। कांट पुलिस भी अब इस मामले में हाथ पर हाथ धरे उसके आने का इंतजार कर रही है।

पुलिस अब तक उसे गिरफ्तार करना तो दूर उसके बारे में यह तक जानकारी नहीं जुटा सके इन सात माह में वह किसी स्वजन व रिश्तेदार से मिला भी है या नहीं। दोहरे हत्याकांड के आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर बरती जा रही लापरवाही का फायदा उठाकर आरोपित कब किसी बड़ी घटना को अंजाम दे दे कुछ कहा नहीं जा सकता है।

इंस्टाग्राम आइडी हुई थी सक्रिय
आरोपित जब यहां से भाग गया था उसके करीब 15 दिन बाद उसकी इंस्टाग्राम आइडी सक्रिय हुई थी। जिसके बाद पुलिस कई बार लखनऊ स्थित उसके घर व रिश्तेदारों के यहां जा चुकी है लेकिन हर बार खाली हाथ ही लौटना पड़ा। यह आइडी किसने चलाई थी यह तक जानकारी नहीं जुटा सकी।