हरियाणा में प्रिंसिपल पत्नी-बेटे को 14 गोलियां मारकर हत्या, बेटी-बहू ने कमरे में छिपकर बचाई जान

हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के गुरुग्राम में प्रिंसिपल पत्नी और बेटे की हत्या के मामले में नया खुलासा सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी की बेटी का कहना है कि भाई और मम्मी पापा की बात नहीं मानते थे, जिस कारण घर में अक्सर लड़ाई-झगड़ा होता था।

बेटी ने जानकारी के अनुसार यह भी आरोप लगाया कि मम्मी और भाई की हत्या करने के बाद पापा मुझे और भाभी को भी मारने के लिए दौड़े। हालांकि, दोनों किराएदारों के घर में छिप गए, जिससे उनकी जान बच गई

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पत्नी और बेटे को सिर, गर्दन, छाती और प्राइवेट पार्ट पर गोलियां मारीं। फिलहाल सेक्टर-5 थाना पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर रही है।

गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने पुलिस ने वारदात में प्रयोग की गई लाइसेंसी रिवॉल्वर व 14 खाली कारतूस को घटनास्थल से बरामद किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करके दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। अभी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट में पता चलेगा कि मां-बेटे को कितनी-कितनी गोलियां लगी हैं।
15 साल पहले गुरुग्राम आए

जानकारी के अनुसार, अशोक विहार में रहने वाला अनिल एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी ऑफिसर है। पहले वह एक स्कूल में फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर (PTI) था। बाद में उसने एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी ऑफिसर की नौकरी जॉइन कर ली। उसकी पत्नी आशा (52) लॉर्ड शिवा स्कूल में प्रिंसिपल थीं। उनका बेटा प्रशांत भी साथ में स्कूल संभालता था।

परिवार मूल रूप से भिवानी के तिगड़ाना गांव का रहने वाला है। फिर अनिल के पिता भिवानी की ब्रह्म कॉलोनी में रहने लगे। 15 साल पहले अनिल अपने परिवार को लेकर गुरुग्राम आ गया। इसके बाद उसकी पत्नी आशा ने कार्टरपुरी में खुद का स्कूल खोल लिया।