‘मुझसे बुरा मुख्यमंत्री कोई नहीं होगा’ किस बात पर भड़के बंगाल CM शुभेंदु अधिकारी

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सत्ता में आने के बाद से लगातरा ऐक्शन में नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने गुंडों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी ने भी कानून-व्यवस्था का उल्लंघन किया या करने की कोशिश की, तो उनसे बुरा मुख्यमंत्री कोई नहीं होगा। दरअसल, बंगाल में सत्ता में आने के बाद से कानून-व्यवस्था को लेकर काफी सवाल उठे हैं। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के ऊपर हुए हमले के बाद राष्ट्रीय स्तर से शुभेंदु सरकार के ऊपर हमला बोला गया था।

शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी बंगाल यात्रा की रूपरेखा भी बताई। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 20 जून को बंगाल की यात्रा पर आ रहे हैं। वह यहां पर तारकेश्वर का दौरा करेंगे और कई प्रोजेक्ट्स का भी उद्घाटन करेंगे।” बता दें, बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला दौरा है। वह 21 जून को विश्व योग दिवस के मौके पर कोलकाता में रहेंगे।

बंगाल में केंद्र की सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा: सीएम अधिकारी
बंगाल की पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार ने केंद्र सरकार से तनाव के चलते केंद्र की कई योजनाओं को राज्य में लागू करने से इनकार कर दिया था। अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ऐलान किया है कि केंद्र की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा। उन्होंने कहा, “संविधान हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है और हम लोगों के भले के लिए काम करेंगे। केंद्र सरकार के साथ लगातार कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। बंगाल की जनता को सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री को ‘प्रधान सेवक’ कहलवाना पसंद: सीएम शुभेंदु
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री मोदी के बंगाल दौरे के पहले उनकी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने लोकप्रियता के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। देश की सेवा ही उनका मुख्य मकसद है। प्रधानमंत्री को खुद को ‘प्रधान सेवक’ कहलवाना पसंद है। केंद्र सरकार ने अपने कार्यकाल में 90 से ज्यादा एयरपोर्ट विकसित किए हैं। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। केंद्र सरकार लगातार किसानों के लिए काम कर रही है।”

बता दें, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत करके भारतीय जनता पार्टी ने अपना परचम लहराया है। भाजपा की तरफ से शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाया गया है। 4 मई को आए नतीजों के बाद राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष का एक बड़ा चेहरा मानी जा रही ममता बनर्जी की सत्ता जाने के साथ-साथ पार्टी भी कमजोर पड़ गई। आज हालत यह हैं कि जीतकर आए विधायकों में 60 से ज्यादा ममता को हाशिए पर धकेलते दिख रहे हैं। इसके अलावा करीब 19 लोकसभा सांसद ममता से अलग हो चुके हैं। इसके अलावा 4 राज्यसभा सांसदों ने भी इस्तीफा दे दिया है।