मसौढ़ी। मसौढ़ी थाना क्षेत्र के मणिचक में पुलिस टीम पर हुई फायरिंग और मुठभेड़ में घायल कुख्यात अपराधी हैदर की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद उसके साथी उसे लेकर विभिन्न अस्पतालों में भटकते रहे, लेकिन अंततः पारस अस्पताल में भर्ती कराने के कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पारस अस्पताल पहुंचे। हालांकि उनके पहुंचने से पहले ही हैदर दम तोड़ चुका था, जबकि उसके साथी उसे छोड़कर फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, मणिचक में मारपीट और आपराधिक गतिविधियों की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची मसौढ़ी थाना की पुलिस टीम पर अपराधियों ने फायरिंग कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से हैदर घायल हो गया था।
वहीं अपराधियों द्वारा चलाई गई गोली से मसौढ़ी थाना के अतिरिक्त थानाध्यक्ष राहुल कुमार तथा एएसआई संजय कुमार घायल हो गए थे। राहुल कुमार के पैर में गोली लगी है, जबकि संजय कुमार के हाथ में गोली लगी। दोनों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, गोली लगने के बाद हैदर के साथी उसे लेकर पुनपुन अस्पताल पहुंचे, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। पीएमसीएच में भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की गई और एडमिशन रसीद तक कटवा ली गई, लेकिन किसी आशंका के चलते उसके साथी उसे वहां से लेकर चुपचाप निकल गए और पारस अस्पताल में भर्ती कराया। वहां कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ, स्पेशल टास्क फोर्स, तकनीकी सेल तथा रंगदारी सेल की टीमें लगातार छापेमारी और निगरानी अभियान चला रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल फरार अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।
घायल पुलिस अफसरों से मिलने आधी रात एम्स पहुंचे एसएसपी
मसौढ़ी के मणिचक गांव में पुलिस टीम पर हुई फायरिंग में घायल प्रभारी थानाध्यक्ष राहुल कुमार और एएसआई संजय कुमार का हाल जानने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शुक्रवार देर रात एम्स पहुंचे। उन्होंने ट्रॉमा सेंटर के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती दोनों पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि मणिचक गांव में मारपीट की सूचना पर छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने घात लगाकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी।
हमले में प्रभारी थानाध्यक्ष राहुल कुमार के दाहिने पैर में गोली लग गई, जबकि एएसआई संजय कुमार के बाएं हाथ को गोली छूते हुए निकल गई। राहुल कुमार का एम्स में ऑपरेशन किया जा रहा है, जबकि संजय कुमार को चिकित्सकों ने 48 घंटे निगरानी में रखा है।
एम्स निदेशक और चिकित्सकों की टीम से बातचीत के दौरान एसएसपी को बताया गया कि दोनों पुलिस अधिकारियों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। एसएसपी ने डॉक्टरों को इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतने का निर्देश देते हुए कहा कि घायल पुलिसकर्मियों का सर्वोत्तम उपचार सरकार के खर्च पर कराया जाएगा। अस्पताल में मौजूद घायल थानाध्यक्ष के भाई मिथुन कुमार तथा एएसआई संजय कुमार के परिजनों से भी एसएसपी ने मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पूरा पुलिस विभाग उनके साथ खड़ा है।
मीडिया से बातचीत में एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि पुलिस पर हमला करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कांड में शामिल एक-एक हमलावर की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। घटना के बाद एसएसपी स्वयं मणिचक गांव पहुंचे थे और स्थिति का जायजा लिया था। उनके निर्देश पर धनरुआ, गौरीचक, परसा और पुनपुन थाना की अतिरिक्त पुलिस बल को गांव में तैनात किया गया है।
पूरे इलाके की घेराबंदी कर संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था कायम रखी गई है तथा जिलेभर में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है।
इधर, एम्स में भर्ती दोनों घायल अधिकारियों से मिलने देर रात तक पुलिस अधिकारियों और जवानों का आना-जाना लगा रहा। जख्मी होने के बावजूद दोनों अधिकारियों ने शीघ्र स्वस्थ होकर फिर से ड्यूटी पर लौटने की इच्छा जताई।