खजुराहो मंदिर परिसर में संदिग्ध वस्तु मिलने से हड़कंप, बम निरोधक दस्ते के साथ छावनी बना परिसर

छतरपुर: खजुराहो के मुख्य पश्चिम समूह मंदिर परिसर में रविवार सुबह संदिग्ध वस्तु मिलने के बाद अचानक हड़कंप मच गया. जानकारी मिलने के बाद बम निरोधक दस्ता और डॉग स्कॉट पुलिस प्रशासन के साथ तुरंत मंदिर परिसर पहुंचा. इसके बाद संदिग्ध वस्तु की जांच पड़ताल की गई, इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद लोगों में डर का माहौल देखा गया. बाद में मौके पर पहुंचे एसडीओपी ने इसे प्रशासन का मॉक ड्रिल बताया और सुरक्षा की जांच करना बताया.

मध्य प्रदेश का खजुराहो पर्यटन क्षेत्र को लेकर देश और दुनिया में फेमस है. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और टूरिस्ट आते हैं. इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए रविवार को प्रशासन सुरक्षा के लिहाज से मॉकड्रिल किया. प्रशासन ने इस तरह से चीजें दिखाई, कि मंदिर परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु रखी हुई. जिसकी जानकारी मिलने पर पुलिस बल बस निरोधक दस्ता और डॉग स्कॉट पूरी तैयारी के साथ तुरंत मंदिर परिसर पहुंचा.

ये नाजार देख वहां मौजूद लोग घबरा गए. इसके बाद नियम के मुताबिक टीम ने संदिग्ध वस्तु को चेक किया और लोगों को वहां से दूर किया. सुरक्षा एजेंसियों ने मंदिर परिसर को सुरक्षा के घेरे में लिया और संदिग्ध वस्तु की गहन जांच शुरू की. बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए सुरक्षा मानकों का पालन किया और संदिग्ध वस्तु की पहचान कर उसे सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर दिया. कार्रवाई के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद पर्यटकों में हड़कंप मच गया. हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और सतर्कता के चलते किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई.

पुलिस और डॉग स्कॉट ने की चेकिंग
इसके बाद पूरे मंदिर परिसर की तलाशी ली गई और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया गया. इस पूरी गतिविधि के दौरान जब एसडीओपी मौके पर पहुंचे, तो पूरी जांच के होने के बाद उन्होंने लोगों को बताया कि यह मॉकड्रिल था, जो अप्रिय परिस्थितियों को लेकर किया गया था.

पुलिस और बम निरोधक दस्ता की टीम
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सुरक्षा पैमाने की जांच के लिए किया गया मॉक ड्रिल

खजुराहो एसडीओपी मनमोहन सिंह बघेल ने बताया कि “एसपी के निर्देश पर सुरक्षा व्यस्था की अचानक जांच पड़ताल करने और संकट के समय लोगों की जान कैसे बचाई जाए. इसके लिए मंदिर परिसर में अचानक मॉक ड्रिल किया गया. इससे सुरक्षा एजेंसियों की भी जांच-पड़ताल और क्षमताओं का पता चलता है. इस दौरान खजुराहो टीआई नदनकिशोर सोलंकी सहित स्थनीय पुलिस भी मौजूद रही.”