खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के सनावद के इस्लामपुरा क्षेत्र में गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक अपने घर की छत पर चढ़ गया और राहगीरों पर पत्थर व ईंटें बरसाने लगा। अचानक हुए हमले से इलाके में दहशत फैल गई और आठ लोग घायल हो गए।
पथराव में टूटा व्यक्ति का हाथ
पुलिस के अनुसार आरोपी जितेंद्र यादव उर्फ कालू ने घर का दरवाजा बंद कर छत से लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। पथराव में एक व्यक्ति का हाथ टूट गया, जबकि तीन लोगों की पसलियों में फ्रैक्चर आया है। अन्य चार को भी चोटें आई हैं।
पुलिसकर्मियों पर भी फेंके पत्थर
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पहले युवक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह और उग्र हो गया तथा पुलिसकर्मियों पर भी ईंट-पत्थर फेंकने लगा। कई ईंटें थाना प्रभारी और पुलिस टीम के बेहद करीब से गुजरीं।
वह अचानक रात में छत पर चिल्लाने लगा और जो भी नीचे से गुजर रहा था, उस पर भारी पत्थर फेंकने लगा। अगर पुलिस समय पर न आती और टीआई साहब जान पर खेलकर ऊपर न चढ़ते, तो पत्थरों से किसी की जान भी जा सकती थी। पुलिस ने वाकई बहादुरी का काम किया है।
नासिर खान, स्थानीय निवासी (इस्लामपुरा, सनावद)
पुलिस के एक्शन की तारीफ
स्थिति बिगड़ती देख टीआई धर्मेंद्र यादव ने साहसिक कदम उठाया। अपनी जान की परवाह किए बिना वे दीवार पर चढ़कर छत तक पहुंचे और युवक को काबू कर लिया। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे उपचार के लिए इंदौर के मानसिक चिकित्सालय भेज दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी पहले भी इस तरह की हरकतें कर चुका है और क्षेत्र में कई बार परेशानी खड़ी कर चुका है। घटना के बाद नागरिकों ने थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव और पुलिस टीम का पुष्पहार पहनाकर सम्मान किया तथा उनकी बहादुरी और त्वरित कार्रवाई की सराहना की।