उज्जैन: महाकालेश्वर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए थोड़ा निराश करने वाली खबर है. महाकाल मंदिर दर्शन करने आने वाले श्रदालुओं की जेब पर आर्थिक बोझ और बढ़ने जा रहा है. पहले ही भस्म आरती के बाद, संध्या आरती व शयन आरती में शुल्क लगा दिया गया, पूर्व में सिर्फ प्रोटोकॉल से भस्मार्ती करवाने पर शुल्क लगता था. उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को संध्या आरती व शयन आरती का 250 प्रति व्यक्ति शुल्क देना होता है. महाकाल प्रबंधन समिति ने नया फैसला लिया है. महाकाल लोक में होने वाले लाइट व साउंड शो के लिए 100 रुपए शुल्क देना होगा. शुरुआत से अभी तक यह निःशुल्क चल रहा था.
महाकाल लोक के लाइट एंड साउंड शो के लिए लगेगा शुल्क
मंदिर प्रबंधन समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया है. महाकाल मंदिर के लाइट एंड साउंड शो के लिए प्रवेश शुल्क 100 रुपए निर्धारित किया गया है. महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि “लगभग 18 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस अत्याधुनिक शो को देखने के लिए प्रतिदिन करीब 500 श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. वर्तमान में सभी दर्शकों को 100 रुपए का टिकट लेकर प्रवेश दिया जा रहा है.”
अक्टूम्बर से अभी तक चल रहा था निःशुल्क
दीवाली 2025 के अवसर पर महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रुद्रसागर पर आधारित फाउंटेन, लेजर और लाइट एंड साउंड शो शुरू किया था. 25 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल लोक में वाटर स्क्रीन फाउंटेन तकनीक से संचालित इस लेजर शो का शुभारंभ किया था. शुरुआत से करीब 5 महीने तक श्रद्धालुओं को यह शो नि:शुल्क दिखाया गया, लेकिन अब इसके लिए प्रवेश के लिए 100 रुपए शुल्क निर्धारित कर दिया गया है.
महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति से मिली जानकारी के अनुसार यह शो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा 18 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया था. इसमें 25 मिनट के शो में भगवान श्री महाकालेश्वर, मोक्षदायिनी शिप्रा नदी और अवंतिका नगरी (उज्जैन) की गौरवगाथा को भव्य अंदाज में दिखाया जाता है. इसे चलाने के लिए प्रति माह डेढ़ लाख रुपए का खर्च आ रहा था. इसी को देखते हुए मंदिर समिति ने 100 रुपए शुल्क निर्धारित कर दिया.