मुजफ्फरनगर में मंत्री ने लगाई बिजली विभाग के अधिकारी को फटकार

समीक्षा बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार बिजली कटौती और उपभोक्ताओं की शिकायतों को लेकर बेहद सख्त नजर आए. उन्होंने विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बिजली विभाग के चीफ विनोद कुमार को फोन पर बातचीत की भाषा सुधारने की नसीहत दी. मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि ‘नेता बनने का इतना ही शौक है तो नौकरी छोड़कर सबके सामने आ जाइए’ मंत्री ने साफ किया कि अधिकारियों को मर्यादित और संवैधानिक भाषा का प्रयोग करना चाहिए.

दो दिन पहले शुरू हुआ था पूरा विवाद

इस बड़े विवाद की नींव दो दिन पूर्व ही पड़ गई थी. मंत्री अनिल कुमार ने फोन पर विद्युत विभाग के अधिकारियों को बिजलीघर में हंगामा करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज न करने की सख्त हिदायत दी थी. इसके बावजूद विभाग ने कर्मचारियों से अभद्रता का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करा दिया. इससे नाराज राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कल ही चीफ विनोद कुमार के कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन और हंगामा किया था.

संवेदनशीलता और मर्यादा बनाए रखें अधिकारी

बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गर्मी के मौसम में तूफान और अधिक मांग के कारण खंभे टूटने या ट्रांसफार्मर रुकने जैसी व्यावहारिक दिक्कतें आती हैं. शहरी जनता को 20 घंटे ट्रिपिंग से पानी और इनवर्टर की गंभीर किल्लत झेलनी पड़ती है. ऐसे में अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ मर्यादित भाषा में बात करनी चाहिए. उन्होंने नसीहत दी कि सरकारी कर्मचारियों को अपनी सीमाओं और मर्यादाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए.