मुजफ्फरनगर में 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ाया दारोगा

मुजफ्फरनगर। एंटी करप्शन सहारनपुर की टीम ने सिविल लाइंस थाने के अंदर एसएसआइ प्रवीण कुमार शर्मा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा है। टीम ने एसएसआइ को गिरफ्तार में लेकर सिखेड़ा थाने में कार्रवाई की है।

एसएसआइ ने न्यायालय के आदेश पर दर्ज एक मुकदमे की जांच एवं अंतिम रिपेार्ट (एफआर) लगाने के नाम पर दो लाख रुपये मांगे थे, लेकिन 50 हजार रुपये में सौदा तय किया था। एसएसआइ ने गिरफ्तारी का विरोध कर टीम के साथ धक्का-मुक्की भी की।

शोर मचाने पर थाना प्रभारी समेत पुलिसकर्मी एकत्र हो गए, लेकिन टीम की कार्रवाई देखकर पीछे हट गए। एसएसपी संजय कुमार वर्मा व सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने भी थाने पहुंचकर मामले की जानकारी ली।

सिविल लाइंस थाने में चार मार्च 2025 को चरथावल के गांव दूधली निवासी आर्य समाज के प्रधान मुकेश आर्य ने न्यायालय के आदेश पर दर्ज कराए मुकदमे में आरोप लगाया था कि पंकज जायसवाल निवासी भगवत बाग, अतरसुइयां, प्रयागराज, चरथावल के गांव कसौली निवासी ओमपाल सिंह आर्य, भानु प्रताप, शामली के रेलवे रोड निवासी ज्ञानेंद्र सिंह, सतीश कुमार गांव बिराल, बुढाना, गजेन्द्र व श्रवण कुमार निवासी दूधली,चरथावल ने आर्य समाज की सम्पत्तियों को हड़पने व खुर्द-बुर्द एवं अवैध कब्जा करने का गिरोह बना रखा है।

सभी आरोपित षड़यंत्र कर फर्जी, कूटरचित कागज एवं दस्तावेज तैयार कराकर उनका प्रयोग सम्पत्ति हड़पने के लिए करते हैं। आरोप था कि ओमपाल ने आर्य सभा लखनऊ के कथित मंत्री पंकज जायसवाल द्वारा जारी पत्र के माध्यम से स्वयं को आर्य समाज का प्रशासक दिखाया है, जबकि अपने साथियों ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक को सहप्रशासक, सतीश कुमार, भानु प्रताप सिंह, गजेन्द्र सिंह, श्रवण सिंह को सलाहकार सदस्य दर्शाया है।

एक साल से मुकदमे की जांच चल रही है। पिछले तीन माह से सिविल लाइंस थाने के एसएसआइ प्रवीण कुमार शर्मा जांच कर रहे थे। पीड़ित ने एक सप्ताह पूर्व सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा से मिलकर उसे मुकदमे में झूठा फंसाने और न्याय दिलने की मांग की थी।

उसके बाद सीओ सिटी ने सिविल लाइंस पुलिस को निष्पक्ष जांच कर एफआर लगाने के निर्देश दिए थे। पीड़ित ओमपाल आर्य का आाराेप है कि मुकदमे की जांच कर रहे एसएसआइ प्रवीण शर्मा ने अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगाने के नाम पर दो लाख रुपये मांगे थे, लेकिन ओमपाल आर्य इससे इन्कार कर रहे थे। इसके लिए उन्हें धमकाया जा रहा था। उन्हें किसी दूसरे व्यक्ति के माध्यम से भी फोन कराए गए थे।

बाद में एफआर लगाने के मामले में 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसको लेकर मंगलवार को ओमपाल आर्य ने एंटी करप्शन सहारनपुर को शिकायत दी थी। जिस पर एंटी करप्शन की टीम ने जाल बिछाया और कार्रवाई की।

बुधवार दोपहर लगभग 12:30 एसएसआइ ने ओमपाल आर्य को थाने के अंदर स्थित अपने कमरे पर बुलाया था। यहां जैसे ही पीड़ित ने फेनोल्फथेलिन पाउडर लगी 50 हजार रुपये की गड्डी एसएसआइ प्रवीण कुमार शर्मा को दी, तुरंत टीम ने दबोच लिया।

गिरफ्तारी का विरोध कर एसएसआइ ने टीम के साथ धक्का-मुक्की भी की। शोर-शराबा होने पर न्यायालय जा रहे थाना प्रभारी इंद्रजीत सिंह व पुलिस कर्मी दौड़कर पहुंचे, लेकिन एंटी करप्शन की टीम को देखकर पीछे हट गए। बाद में एसएसपी संजय कुमार वर्मा, सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा भी पहुंचे।