हरियाणा में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के बदले नियम, रोजना सिर्फ 20 टोकन बटेंगे; VIP ट्रीटमेंट होगा खत्म

चंडीगढ़। सरकार ने संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और इसमें होने वाली देरी को खत्म करने के लिये बड़ा कदम उठाया है। तहसील और उप-मंडल स्तर पर प्रत्येक पंजीकरण कार्यालय के लिए दैनिक पंजीकरण अपाइंटमेंट की संख्या को अधिकतम 20 टोकन प्रति कार्यालय तक सीमित कर दिया गया है।  पूरे प्रदेश की तहसील और उपमंडल स्तर पर नई टोकन-आधारित व्यवस्था लागू हो गई है, जबकि उपतहसील में पहले की तरह रजिस्ट्री होती रहेंगी।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी उपायुक्तों को नई व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। ये टोकन दैनिक और रैंडम आधार पर दिए जाएंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य पक्षपात या वीआइपी ट्रीटमेंट को खत्म करना है। इससे सेल डीड (बिक्री विलेख) और अन्य संपत्ति दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए आने वाले सभी आवेदकों को समान अवसर मिल सकेंगे।

राजस्व अधिकारियों को निर्देश हैं कि वे तय समय के भीतर पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करना सुनिश्चित करें। टोकन-आधारित व्यवस्था से पंजीकरण कार्यालयों में भीड़ कम होगी तथा उन एजेंटों पर भी अंकुश लगेगा जो जल्दी अपाइंटमेंट या प्राथमिकता दिलाने का झांसा देकर लोगों का शोषण करते हैं।

पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के तहत आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमैट्रिक सत्यापन को अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक दस्तावेज पर क्यूआर कोड होगा जिससे दस्तावेज के असली होने की पुष्टि हो सके।

विदेश में बैठकर भी करा सकेंगे रजिस्ट्री विदेश में बैठे हरियाणा के लोगों को ऑनलाइन रजिस्ट्री का विकल्प मिलेगा। वीडियो काल व अन्य आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से यह कार्य संभव होगा।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में लंबित सभी पुराने इंतकालों को अगले एक माह के भीतर निपटाने के निर्देश दिए हैं। अगर कोई अधिकारी या तहसील कर्मचारी जानबूझ कर लापरवाही करता है, या फिर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पर जानबूझ कर आब्जेक्शन लगाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।