झूलाघाट । अंतरराष्ट्रीय झूला पुल पर शनिवार दोपहर सशस्त्र सीमा बल ने एक जर्मन महिला को नेपाल में प्रवेश करने से रोक दिया। मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का कारण बना है क्योंकि महिला के पास भारतीय आधार कार्ड मिला है। सशस्त्र सीमा बल सूत्रों के अनुसार जर्मन नागरिक बारबरा रीनट क्राउज उम्र 58 वर्ष वीजा संख्या सीएच 1 एम डब्ल्युडब्ल्यूएफसी अपने गाइड हिमांशु के साथ झूला पुल से नेपाल जाना चाह रही थी। पूछताछ में पता चला कि तीसरे देश के नागरिकों के लिए इस पुल से आवाजाही की अनुमति नहीं है। इसके बाद उसे वापस पिथौरागढ़ भेज दिया गया।
गोवा में बना आधार कार्ड
जांच के दौरान महिला से भारत में ठहराव से जुड़े दस्तावेज मांगे गए। उसके पास भारतीय बिजनेस वीजा के साथ गोवा में बना आधार कार्ड भी मिला। महिला ने बताया कि वह बिजनेस वीजा पर गोवा में रह रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लिया है। भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है। इसके बाद भी विदेशी नागरिक के पास आधार कार्ड मिलना इस बात को दर्शाता है कि गैर भारतीयों के लिए आधार बनवाना अब आसान हो गया है।
सशस्त्र सीमा बल ने पूरे मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। घटना के बाद झूला पुल पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। गाइड हिमांशु से भी पूछताछ की जा रही है कि आधार कैसे बना।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही देश की सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है। प्रशासन ने अब आधार बनाने की प्रक्रिया की जांच शुरू करने की बात कही है।
शनिवार को जर्मन महिला झूलाघाट अंतरराष्ट्रीय झूला पुल से नेपाल जाना चाह रही थी, लेकिन झूला पुल से तीसरे देश के नागरिकों को सीमा पार करने की अनुमति नहीं होने के कारण उसे पिथौरागढ़ वापस भेज दिया गया। महिला के पास आधार कार्ड मिलने का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार जर्मन महिला गोवा में बिजनेस विजा के साथ कार्य कर रही है। बिजनेस विजा के अनुसार विदेशी महिला 182 दिन के बाद आधार कार्ड के लिए अप्लाई कर सकती है एवं उसे हर 182 दिन के बाद पासपोर्ट कार्यालय में अपना पासपोर्ट भी रिन्यू करवाना अनिवार्य होगा। – प्रतीक, एसिस्टेंट कमांडेंट, एसएसबी झूलाघाट