कुरुक्षेत्र। बढ़ता वजन चिंता का विषय तो है ही, साथ ही यह कई बीमारियां साथ लेकर आता है। मगर सबसे बड़ी चिंता एक ओर है। लोग वजन बढ़ने के पीछे के कारण तक पहुंचने के बजाय इंटरनेट मीडिया पर ट्रेंडिंग वजन घटाने की दवाएं खा रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो मोटापा बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल (एलएनजेपी) में एक ऐसा ही केस आया। उमरी निवासी नारो देवी आठ साल से वजन घटाने को लेकर इंटरनेट मीडिया से दवाएं मंगवाकर उनका सेवन करती रही। अब उन्हें एलएनजेपी अस्पताल में दाखिल करवाया गया तो वजह कुछ और निकली। उनके मस्तिष्क के सीटी स्कैन में पिट्यूटरी ग्रंथी में ट्यूमर मिला है। उनका वजन 135 किलोग्राम पहुंच गया।
चिकित्सक ने जब अस्पताल स्थित हेल्थ मैप डायग्नोस्टिक सेंटर में इसकी पुष्टि के लिए मस्तिष्क की एमआरआइ करवाने का प्रयास किया तो वह मशीन में ही नहीं आ पाई, क्योंकि आधुनिक मशीनों का दायरा निश्चित होता है, जिसकी वजह से उनका सिर तो मशीन में चला गया लेकिन शरीर का बाकी हिस्सा अंदर नहीं जा सका। अब उन्हें ओपन एमआरआइ के लिए उच्च संस्थान में करवाने के लिए रेफर किया है।
वजन अधिक होने से नहीं हो पाया एमआरआई
एलएनजेपी अस्पताल के परामर्शक एवं फिजिशियन डा. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने बताया कि नारो देवी सिर में दर्द की समस्या लेकर एलएनजेपी अस्पताल की ओपीडी में आई थी। जब एमआरआइ करवाने का प्रयास किया तो ज्यादा वजन होने की वजह से महिला का सिर ही एमआरआइ मशीन में जा सका। महिला को पिट्यूटरी ग्रंथी में ट्यूमर मिला है, उसकी ओपन एमआरआइ होगी, जिसके लिए उसे उच्च संस्थान में रेफर किया गया।
मरीज के रक्त में प्रोलेक्टिन की जांच करने पर भी ज्यादा पाया गया, जो पिट्यूटरी ट्यूमर में पाया जाता है। अगर समय रहते इसका इलाज न करवाया जाए तो यह आंखों की रोशनी को भी प्रभावित कर सकता है। इस ग्रंथी की रसौली की वजह से कई रोगियों में ग्रोथ हार्मोन के अत्यधिक स्राव से तेजी के साथ ऊंचाई, मोटापा बढ़ता है।
ऑपरेशन से इलाज संभव
इसके अलावा पिट्यूटरी ग्रंथि से और अन्य कई तरह के हार्मोन का ज्यादा स्राव निकल सकते हैं, जिनके कारण भी शरीर पर अलग-अलग दुष्प्रभाव होते हैं। ऐसे रोगी में हर तीन माह में एमआरआइ करवानी पड़ती है, जिससे इस ट्यूमर की वृद्धि की गति का पता चलता है। इसके बाद इसका दवाइयों से अथवा आपरेशन से इलाज निर्धारित किया जाता है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर निवासी द ग्रेट खली (दिलीप सिंह) को भी पिट्यूटरी ग्रंथी में ट्यूमर (माइक्रोएडिनोमा) था, जिसके चलते उसकी शरीर की वृद्धि बहुत बढ़ गई थी, लेकिन वह भाग्यशाली था कि उसकी पिट्यूटरी ग्रंथी की रसौली की वृद्धि की गति धीरे थी और समय रहते उसका आपरेशन भी कर लिया गया था, हालांकि उससे पहले उसने अंडरटेकर को हराकर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप जीत ली थी।