मायावती से मुलाकात के 5 लाख, टिकट के लिये मांगे इतने करोड-उड जायेंगे होश

‘बहनजी से मिलेंगे तो 5 लाख रुपए लेकर चलना। वहां बताएंगे- आप विधायक का टिकट चाहते हैं। इन 5 लाख रुपए का कोई हिसाब-किताब नहीं रहेगा। टिकट के लिए 3 करोड़ 35 लाख रुपए देने होंगे। अभी एक-डेढ़ करोड़ जमा कर दीजिए, जो बचेगा उसके लिए एक-डेढ़ महीने का समय मिलेगा। दरअसल दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने एक स्टिंग आपरेशन में ये खुलासा किया है।

. ये सौदेबाजी कर रहे हैं- बहुजन समाज पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा रखने वाली बसपा में एंट्री के लिए दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने खुद को नेता दिखाने के लिए फाइल तैयार की। बसपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं से जान-पहचान बढ़ाई। फिर लखनऊ की BKT (बख्शी का तालाब) विधानसभा सीट से टिकट की डिमांड की। हमने लखनऊ के BSP जिलाध्यक्ष शैलेंद्र गौतम से संपर्क किया। इंदिरानगर में रघुवर मैरिज हॉल के पास शैलेंद्र ट्रेडर्स पहुंचे। यहां शैलेंद्र गौतम बैठे मिले। बंद कमरे में उन्होंने मायावती से मिलने की प्रोसेस और टिकट का रेट बताया…

रिपोर्टर : अब बताइए, बहनजी से मुलाकात कैसे होगी, क्या करना होगा? शैलेंद्र गौतम : बहनजी से मिलने के लिए यदि आप कैंडिडेट की हैसियत से मिलेंगे तो 5 लाख रुपए लेकर चलना होगा। वहां आपका बहनजी से परिचय कराया जाएगा। बताया जाएगा कि आप BKT से दावेदार हैं। बहनजी आपसे खुद बात करेंगी। आपको वहां खाली लिफाफा दिया जाएगा। उस लिफाफे में आप पैसा रखेंगे। आप अपने हाथ से बहनजी की टेबल पर लिफाफा रखेंगे। इस सीट के लिए बहनजी ने एक पंडित प्रत्याशी के लिए कहा है और एक ठाकुर के लिए कहा है। ठाकुर तो लगा हुआ है। दौड़भाग कर रहा है।

रिपोर्टर : तो 5 लाख रुपए लेकर चलेंगे, इसके बाद? शैलेंद्र गौतम : 5 लाख रुपए लेकर चलेंगे, ये सिर्फ मिलने के नाम पर है। इसका कोई हिसाब-किताब नहीं रहेगा। एक प्रकार से आप बहनजी को गिफ्ट दे रहे हैं। इसके बाद बहनजी के यहां मानक बताया जाएगा कि टिकट के लिए कितना जमा करना है। इसके लिए आपको एक-डेढ़ महीने का समय दिया जाएगा। जब आप जमा कर देंगे तो 10-15 हजार लोगों की भीड़ के बीच आपकी घोषणा कर दी जाएगी। इसके बाद आप क्षेत्र में लग जाएंगे।

अब हम जानना चाहते थे कि टिकट के लिए कितने रुपए की डिमांड है, इसके लिए हमने शैलेंद्र से बातचीत जारी रखी। इसमें उन्होंने टिकट खरीदने की पूरी प्रोसेस समझाई। ‘हर सीट का रेट अलग है, कहीं 50 लाख में भी टिकट दे देंगे’ शैलेंद्र गौतम : आपको 3.35 करोड़ रुपए जमा करना है।

रिपोर्टर : मतलब 3 करोड़ बाद में देना है? शैलेंद्र गौतम : 3 करोड़ 35 लाख रुपए देना है। 5 लाख रुपए लेकर चलेंगे आप। बहनजी से मिल लेंगे। बहनजी का आशीर्वाद मिल जाएगा। बहनजी कह देंगी- जाइए तैयारी करिए। आप एक बार में जमा कर दो या डेढ़ महीने में। कभी 20 लाख दे दिए, कभी 50 लाख दे दिए। वो तो बाकायदा रजिस्टर में दर्ज होता है। 3 करोड़ 35 लाख रुपए आपको निर्धारित समय सीमा में देना होगा।

रिपोर्टर : यानी कि डेढ़ महीने में हमको 3 करोड़ 35 लाख रुपए जमा करना है। चाहे एक बार में दें या 3 बार में। यदि निर्धारित समय में पैसा कुछ रह गया और कोई और 3 करोड़ 35 लाख रुपए जमा कर दिया तो मेरा टिकट कट जाएगा क्या? शैलेंद्र गौतम : नहीं, ऐसा नहीं होगा। वो हम लोग मैनेज करेंगे। थोड़ा-बहुत आगे-पीछे तो चलता है, जो पहले जमा कर देता है, उसका बहनजी ध्यान रखती हैं।

रिपोर्टर : अच्छा। शैलेंद्र गौतम : भाई उमाशंकर सिंह क्यों बहनजी के नजर में स्टार हैं। जब होता है, कर देते हैं। बहनजी इसलिए उनको मानती हैं। रिपोर्टर : अरे वो तो बहुत बड़े हैं।

BSP के लखनऊ जिलाध्यक्ष ने बताया कि एक से डेढ़ महीने में पूरा पैसा कैश में देना होगा। शैलेंद्र गौतम : पहले तो नहीं थे बड़े। BSP से ही तो बड़े बने हैं। ऐसे BSP में बहुत सारे लोग हैं, कहने पर तुरंत जमा करा देते हें। अभी चित्रकूट मंडल में माधोगढ़ का टिकट हुआ है। वो भी ब्राह्मण हैं। सबसे पहले टिकट की घोषणा हो गई। क्षेत्र में दौड़-भाग कर रहे हैं। बाराबंकी सदर का भी टिकट हो गया। लगभग 20-25 टिकट हो गए हैं।

रिपोर्टर : जो टफ सीट है, वहां भी 3 करोड़ 35 लाख लगेगा? शैलेंद्र गौतम : नहीं, टफ सीट पर तो नहीं। जैसे- लखनऊ पूर्व है। यहां जो भी हो जाए, पार्टी कर लेती है। क्योंकि यहां पर तो BJP को ही जीतना है, लेकिन कैंडिडेट तो हमको लड़ाना है। अरे भाई, किसी को नेता बनना है तो आओ लड़ो आकर। सरकार बन गई तो बहनजी कुछ न कुछ दे देंगी। टिकट खरीदी की डील के बाद हमने यह जानना चाहा कि क्या मायावती राजनीतिक बैकग्राउंड भी देखेंगी?

जिलाध्यक्ष ने इसका भी जवाब दिया… ‘राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं, सिर्फ मुकदमे की जानकारी लेंगी’ रिपोर्टर : ये बताइए, बहनजी मेरा बैकग्राउंड नहीं देखेंगी कि मैंने कोई राजनीति नहीं की है। शैलेंद्र गौतम : नहीं, मुकदमे के बारे में जानकारी लेंगी। बस यही बताना है कि बहनजी पहले हम व्यवसाय करते थे, अब पार्टी से जुड़कर सेवा करना चाहते हैं।

रिपोर्टर : मैं आपके जरिए बहनजी से मिलना चाहता हूं। शैलेंद्र गौतम : देखिए, हम लोग संगठन के व्यक्ति हैं। यदि कोई खुशी से दे दे तो वो अलग बात है। रिपोर्टर : मान लीजिए, हम 2 करोड़ नकद दे दें और एक करोड़ का सोना दे दें तो चलेगा। शैलेंद्र गौतम : नहीं, पूरा कैश जमा होगा। हम 4 साल से जिलाध्यक्ष हैं। लखनऊ का मंडल प्रभारी रहा हूं। बहनजी बहुत विश्वास करती हैं।

BSP के प्रदेशस्तर के नेता क्या रेट बता रहे हैं, इसके जवाब के लिए हमने यूपी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल से संपर्क किया। उन्होंने हमें 1090 चौराहे के पास शालीग्राम अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल पर बने उनके निजी ऑफिस में बुलाया। यहां हमारी उनसे दो बार मुलाकात हुई। पहली बार सामान्य बातचीत हुई। दूसरी बार हम साथी रिपोर्टर को फाइनेंसर बनाकर ले गए। उन्होंने भी मायावती से मिलने और टिकट का वही रेट बताया, जो जिलाध्यक्ष ने बताया था।

विश्वनाथ पाल : मान लो, 1 करोड़ रुपए जमा कराए और कोई दूसरा दावेदार आया ही नहीं। हमारी बात आपसे 3 करोड़ 35 लाख रुपए की हुई है। अब आपने कहा- इससे ज्यादा नहीं करेंगे, हमको लड़ाइए। लड़ने में भी पैसा लगेगा। तो आपको उतने में ही लड़ाया जाएगा। यह सभी परिस्थिति बनती हैं। इसीलिए हमने बताया कि 5 लाख रुपए मिलने जाओगे, तो देना है। 3 करोड़ 35 लाख जो जमा होगा, वो लिखा-पढ़ी में होगा। अगर कुछ गुंजाइश रही तो कम भी कराया जा सकता है, लेकिन कम करने की संभावना तब होती है, जब हम घोषणा न कराएं, लास्ट तक इंतजार करें।

रिपोर्टर : पर उसमें तो रिस्क भी है। विश्वनाथ पाल : मान लीजिए, बहनजी गुस्सा हो जाएं। अभी एक दावेदार हैं, काफी दिन से वादा कर रहे हैं, बहनजी को 5 लाख दे आए हैं। एक दिन उन्होंने मुझे चाय पर बुलाया। बैग खोलकर दिखाने लगे कि देखो, डेढ़ करोड़ रुपया रखा है। बाकी कुछ और आ जाए तो ढाई करोड़ रुपए जमा कर दें। ये उन्होंने बताया 15 अप्रैल को। तब से फोन ही नहीं उठा रहे हैं। अब आज ही वो 2 करोड़ लेकर आने वाले थे। हमने कहा- अब मत आओ, क्योंकि बहनजी ने आपको मना कर दिया है। अब एक ही रास्ता है कि पूरा इकट्‌ठा कर दो। फिर चलकर बहनजी से रिक्वेस्ट करेंगे। बहनजी ने कहा कि वो फंसा देगा, कह दो कि पूरा लाए। हमने उनको बता दिया। अभी आने के लिए बोले हैं। अभी बाराबंकी सदर विधानसभा सीट का हुआ है।

रिपोर्टर : हमको समय की लिमिट कितनी मिलेगी? विश्वनाथ पाल : अब जितनी जल्दी हो जाए। मान लो, आप 10 दिन बाद आए। इस बीच कोई और करा लिया तो आपका नहीं हो पाएगा। अभी आप मिलने चलोगे तो आपका समय बहनजी के सामने निर्धारित होगा। उस समय के अंदर नहीं आ पाए, तभी दूसरा कोई आएगा। रिपोर्टर : आपसे जुड़ जाएंगे तो क्या फायदा होगा? विश्वनाथ पाल : देखिए, सरकार बनती है तो गारंटी है कि आपको मंत्री बनवाऊंगा। इसलिए बनवाऊंगा कि यह सीट हमारी अच्छी सीट है। नकुल दुबे भी यहां से जीतकर मंत्री बने थे। रिपोर्टर : 5 लाख देने के बाद कितना समय मिलेगा, भाई साब? विश्वनाथ पाल : देखिए, 5 लाख तो देकर चले आए, उसका मतलब नहीं है। इसके बाद कम से कम एक-डेढ़ करोड़ कर दीजिए। जो बचेगा, उसके लिए एक-आध महीने का समय मिलेगा, क्योंकि चुनाव बहुत निकट है। इन्होंने पंचायत चुनाव जो रोक दिया। विधानसभा चुनाव कुछ महीने पहले करा रहे हैं। चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। अभी 24 तारीख को बहनजी ने बैठक बुलाई है। हम जानना चाहते थे कि यदि मायावती से टिकट के लिए मुलाकात न करते हुए ऐसे ही मिलना हो तो क्या उसके लिए भी पैसे देने पड़ते हैं? इसके लिए BSP प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल से कुछ सवाल और किए।

प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि जिस दिन आप कहेंगे उसी दिन BSP सुप्रीमो मायावती से मिलवा देंगे। ‘बहनजी से ऐसे ही मिलने के 2 लाख रुपए लगते हैं’ विश्वनाथ पाल : आजमगढ़, जौनपुर, शाहगंज में घोषणा हो गई है। माधोगढ़ भी घोषित हो गया है। एक ठाकुर घोषित हुआ है। 5 घोषित हो गए हैं। बाकी सभी सीटों पर बात चल रही है। वही घोषित हुए हैं, जहां से पैसा आ गया है। रिपोर्टर : ये बताइए कि ये (साथी रिपोर्टर) भी बहनजी से मिलकर आशीर्वाद लेना चाहते हैं तो क्या इनके अलग से 5 लाख रुपए लगेंगे या मेरे वाले में ही हो जाएगा? विश्वनाथ पाल : हम साथ में मिलवा देंगे। उसी में हो जाएगा। वैसे अलग से 2 लाख रुपए लगते हैं। रिपोर्टर : चलिए ठीक है, जो बचा देंगे वो अलग से आपकी सेवा में कर देंगे। विश्वनाथ पाल : चलेंगे तो बोल देंगे कि बहनजी ये लड़ना चाहते हैं और ये इनके सहयोगी हैं, आपके दर्शन करना चाहते हैं। अकेले में मिलवाएंगे। आप विधायक का चुनाव जीत जाएंगे तो बहुत बल मिल जाता है। तमाम काम करने का मौका मिल जाता है। ये है कि हम चाहेंगे कि जिस दिन आप चलो, उस दिन 5 लाख रुपए के अलावा कुछ कर दिया जाए। रिपोर्टर : कब ले चलेंगे आप?

विश्वनाथ पाल : जब आप कहो, अभी आप कहो तो फोन करके अभी चले चलेंगे। रिपोर्टर : तो 5 लाख रुपए के अलावा और कितने से शुरुआत ठीक रहेगा। विश्वनाथ पाल : जो कर लो आप, 3.35 करोड़ रुपए करना है। ज्यादा से ज्यादा कर लो, क्योंकि अब आपके पास समय नहीं है। इस मीटिंग के अगले दिन प्रदेश अध्यक्ष ने कॉल कर बताया कि बहनजी से टाइम ले लिया है, लेकिन हमने बहाना बनाकर उन्हें टाल दिया, क्योंकि BSP सुप्रीमो मायावती से मिलने से पहले टाइट चेकिंग होती है। उनके पास तक खुफिया कैमरा ले जाना संभव नहीं है, इसलिए आगे स्टिंग नहीं किया।