नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में भारतीय नाविकों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों पर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़े कई गंभीर घटनाक्रम सामने आए हैं। भारत अपने नाविक समुदाय की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है इसलिए स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
विदेश मंत्रालय ने ओमान के तट के पास एक जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी। जायसवाल ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और भारत सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। सरकार इस मामले में सभी आवश्यक कूटनीतिक कदम उठा रही है।
भारत ने दर्ज कराया अपना विरोध
भारत ने इस घटना को लेकर नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी (CDA) को तलब किया और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में लगातार हो रहे हमले न केवल अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि इससे वैश्विक व्यापार और नाविकों की सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
क्षेत्रीय संघर्ष को बताया हमलों की बड़ी वजह
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ही इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि जहाजों पर हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और इनका सीधा संबंध क्षेत्र में बढ़ते तनाव से है। भारत का मानना है कि हिंसा और टकराव से किसी भी समस्या का समाधान नहीं निकल सकता।
भारत का शांति और कूटनीति पर फोकस
विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की है। भारत ने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता की जल्द बहाली के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे प्रभावी माध्यम हैं। साथ ही भारत ने जहाजों पर हो रहे हमलों को तत्काल रोकने की मांग करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी स्थिति को सामान्य बनाने के लिए प्रयास तेज करने का आग्रह किया।