वॉशिंगटन. अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए तैयार किए गए ड्राफ्ट में न्यूक्लियर प्रोग्राम, ऑयल बैन, फ्रीज प्रॉपर्टी और होर्मुज से जुड़े मुद्दों पर सहमति बन गई है। यह दावा रॉयटर्स न्यूज एजेंसी ने एक सीनियर ईरानी अधिकारी के हवाले से किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक ड्राफ्ट में ईरान ने कहा है कि वह न परमाणु हथियार बनाएगा और न ही किसी दूसरे देश से हासिल करेगा। फाइनल समझौता होने तक ईरान अपने मौजूदा परमाणु कार्यक्रम में कोई बड़ा बदलाव नहीं करेगा। वो यूरेनियम एनरिच्ड नहीं करेगा और नए न्यूक्लियर सेंटर्स का विस्तार भी नहीं करेगा।
ईरान सभी कारोबारी जहाजों के लिए होर्मुज तुरंत खोल देगा। इसके बदले अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना शुरू करेगा। अमेरिका कुछ समय के लिए ईरान के तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों में भी छूट देगा।
ड्राफ्ट के मुताबिक, अमेरिका ईरान की 25 अरब डॉलर की जब्त की हुई प्रॉपर्टी जारी करेगा। साथ ही अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर ईरान के रिडेवलपमेंट और विकास की योजना भी तैयार करेगा।
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ट्रम्प का दावा- रविवार को शांति समझौता होगा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि दोनों देशों के बीच रविवार को समझौता होगा और इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट सभी जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा।
ईरान ने ट्रम्प के दावे पर सवाल उठाए: ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि रविवार को समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे। बातचीत जारी है, लेकिन अभी कोई अंतिम तारीख तय नहीं हुई है।
समझौते के बाद 60 दिन की नई बातचीत का प्लान: रिपोर्ट के मुताबिक पहले एक अंतरिम MoU साइन होगा। इसके बाद 60 दिनों तक परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और होर्मुज स्ट्रेट के संचालन जैसे मुद्दों पर तकनीकी बातचीत होगी।
भारत-अमेरिका के बीच जहाजों पर हमलों को लेकर तनाव: भारत ने भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हमलों को लेकर दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक को तलब किया। वहीं ट्रम्प ने आरोप लगाया कि ईरान ने भारतीय जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की थी।
ईरान ने यूरेनियम छिपाने के लिए सुरंगें बंद कीं: CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने इस्फहान परमाणु केंद्र में रखे हाईली एनरिच्ड यूरेनियम तक पहुंचने वाली कई सुरंगों को बंद कर दिया है और रास्तों पर विस्फोटक माइंस बिछा दी हैं।