वॉशिंगटन। ईरान के खिलाफ चले ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिका को बड़ा हवाई नुकसान हुआ है। यूएस कांग्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन में अमेरिकी सेना के 42 एयरक्राफ्ट-ड्रोन तबाह या गंभीर रूप से डैमेज हुए हैं।
इनमें 6 फाइटर और अटैक जेट हैं। तबाह हुए जेट में 1 एफ-35, 4 F-15E स्ट्राइक ईगल और 1 A-10 थंडरबोल्ट-II शामिल है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पहले ही बता चुका है कि जंग पर उसके कुल 2.81 लाख करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
सबसे बड़ा नुकसान ड्रोन कैटेगरी में हुआ है। कुल 25 ड्रोन तबाह हुए हैं। इनमें 24 MQ-9 रीपर और 1 MQ-4C ट्राइटन है। इनके अलावा 11 अन्य विमान भी तबाह या क्षतिग्रस्त हुए हैं।
वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल ने युद्ध सिर्फ ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमता को कमजोर करने के लिए नहीं किया था, बल्कि तख्तापलट की भी योजना थी।
नए लीडर के रूप में पूर्व ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद को चुना गया था। पहले दिन इजराइल ने तेहरान में अहमदीनेजाद के घर के पास हमला किया था। मकसद उन्हें नजरबंदी से छुड़ाना था, लेकिन वे बच गए। इसके बाद इजराइल-अमेरिका अपने तख्तापलट वाले प्लान से पीछे हट गए।
3 चरणों का था तख्तापलट प्लान
पहला: ताबड़तोड़ हवाई हमले, ईरान के सर्वोच्च नेताओं को निशाना और कुर्द लड़ाकों को सक्रिय करना।
दूसरा: इजराइल अराजकता और युद्ध जैसा माहौल बनाना चाहता था, ताकि लगे कि ईरानी शासन नियंत्रण खो रहा है।
तीसरा: बुनियादी सुविधाओं को नुकसान, गैस और बिजली सप्लाई रोककर राजनीतिक दबाव बढ़ाना था। इसके बाद अहमदीनेजाद को लाना था।
पूर्व ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद कई सालों से नजरबंद हैं। माना जाता है कि ईरानी सेना और सुप्रीम लीडर से खराब रिश्ते की वजह से उन पर कार्रवाई की गई।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
1. अमेरिकी संसद में ईरान जंग रोकने वाला प्रस्ताव पास: अमेरिकी सीनेट में ट्रम्प की सैन्य शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव 50-47 से पास हुआ। 4 रिपब्लिकन सांसदों ने भी ट्रम्प के खिलाफ वोट दिया। अगर कानून बना तो ईरान के खिलाफ जंग जारी रखने के लिए ट्रम्प को कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी।
2. ट्रम्प बोले- ईरान की नेवी और एयरफोर्स खत्म: US कोस्टगार्ड एकेडमी में ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अब सवाल सिर्फ यह है कि अमेरिका आगे पूरी कार्रवाई करेगा या ईरान समझौता करेगा।
3. ईरान की मंजूरी से 26 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे: IRGC ने दावा किया कि पिछले 24 घंटे में 26 जहाज ईरानी मंजूरी के बाद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे। इनमें तेल टैंकर और कॉमर्शियल जहाज शामिल थे।
4. UAE होर्मुज बायपास करने के लिए नई पाइपलाइन बना रहा: ADNOC ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने वाली नई तेल पाइपलाइन का 50% काम पूरा हो चुका है। युद्ध के बाद फुजैराह तेल हब पर ड्रोन हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं।
5. UN ने चेतावनी दी- होर्मुज संकट से फूड क्राइसिस का खतरा: UN की फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन ने कहा कि होर्मुज में रुकावट बढ़ी तो दुनिया में खाद्य संकट और महंगाई बढ़ सकती है। एजेंसी ने देशों से वैकल्पिक सप्लाई रूट तैयार करने की अपील की।
ईरान जंग से श्रीलंका का चाय कारोबार प्रभावित
ईरान युद्ध का असर अब श्रीलंका के चाय उद्योग पर भी दिखने लगा है। बढ़ती ऊर्जा कीमतों और निर्यात में गिरावट के कारण चाय मजदूरों और कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है।
श्रीलंका के एक्सपोर्ट डेवलपमेंट बोर्ड (EDB) के मुताबिक, मार्च में चाय निर्यात से होने वाली कमाई सालाना आधार पर 17.3% घटकर 11.47 करोड़ डॉलर रह गई।
EDB के आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़े खरीदार इराक से मांग में 38% की गिरावट आई। वहीं UAE को चाय की खेप 93% तक गिर गई, क्योंकि शिपिंग और ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक्स प्रभावित हुए।
रॉयटर्स से बात करते हुए श्रीलंका के हैटन स्थित डंकल्ड टी एस्टेट में काम करने वाली जैसिंथा मलार ने कहा कि अगर युद्ध लंबा चला तो लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। उन्होंने कहा, “हमें नहीं पता कि हम हालात संभाल पाएंगे या नहीं। अगर यह युद्ध जारी रहा तो बहुत से लोगों को परेशानी होगी।”
दिलमाह सीलोन टी कंपनी के चेयरमैन और CEO दिलहान फर्नांडो ने कहा कि कंपनियां कुछ समय तक लागत खुद उठाती रहीं, लेकिन ईंधन और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से महंगाई बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक्स लागत दुनिया भर में दबाव बढ़ा रही है, चाहे वह ऑस्ट्रेलिया के शहरों के बीच हो या कोलंबो और दुबई के बीच।
ईरान बोला- हमारे पास अभी कई सीक्रेट हथियार बाकी
अमेरिका की धमकियों के बीच ईरान ने कहा है कि उसके पास अब भी कई ऐसे आधुनिक हथियार हैं, जिन्हें अब तक युद्ध में इस्तेमाल नहीं किया गया। ईरानी सैन्य सूत्रों ने कहा कि अगर दोबारा हमला हुआ तो इस बार जवाब बिना संयम के दिया जाएगा।
रूसी न्यूज एजेंसी RIA नोवोस्ती के मुताबिक, एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने कहा कि तेहरान ने कई आधुनिक हथियार घरेलू स्तर पर विकसित किए हैं। अधिकारी ने कहा, हमने ऐसे आधुनिक हथियार बनाए हैं, जिन्हें अब तक युद्ध के मैदान में इस्तेमाल नहीं किया गया और उनका परीक्षण भी नहीं हुआ है।
ईरान बोला- अमेरिकी जवाब की समीक्षा कर रहे
ईरान ने कहा है कि वह अपने नए प्रस्त
ाव पर अमेरिका की प्रतिक्रिया की समीक्षा कर रहा है। ईरान की नूर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच प्रस्तावित सीजफायर दस्तावेज को लेकर बातचीत चल रही है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि ईरान के 14 सूत्रीय प्रस्ताव के आधार पर कई बार संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है। उन्होंने कहा, “हमें अमेरिकी पक्ष के विचार मिले हैं और हम उनकी समीक्षा कर रहे हैं।” बकाई ने यह बयान पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के ईरान दौरे के दौरान दिया।
ईरान जंग के बीच फिर महंगा हुआ तेल, ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर के पार
ईरान युद्ध और सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता के बीच गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में फिर तेजी आई। दो दिन की गिरावट के बाद ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
गुरुवार सुबह ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 81 सेंट यानी 0.77% बढ़कर 105.83 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 97 सेंट यानी 0.99% चढ़कर 99.23 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशकों को डर है कि अगर संघर्ष बढ़ा तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव के कारण बाजार में चिंता बनी हुई है, क्योंकि दुनिया की बड़ी तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में गिरावट ने भी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसी वजह से दो दिन की गिरावट के बाद तेल बाजार में फिर खरीदारी बढ़ी।
ट्रम्प के अधिकारी बोले- ऐसा हमला करेंगे, जो कभी नहीं देखा होगा
अमेरिका ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त रुख दिखाया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कहा कि अगर ईरान परमाणु समझौते पर अमेरिका की शर्तें नहीं मानता, तो उसे ऐसी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा जैसी आधुनिक इतिहास में नहीं देखी गई।
ट्रम्प बोले- जंग के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था
ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका के पास जंग के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था, क्योंकि ईरान परमाणु हथियार बनाने की तरफ बढ़ रहा था।
ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान अब समझौता करना चाहता है और अमेरिका का दबाव असर दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। उनके मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल से भरे करीब 1600 जहाज खड़े हैं, जो जल्द बाहर निकलना शुरू करेंगे। इससे तेल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी।
ईरानी राष्ट्रपति पजशकियान से मिले पाकिस्तान के गृह मंत्री
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने बुधवार तेहरान में पाकिस्तान के गृह मंत्री सैयद मोहसिन नकवी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरान-अमेरिका तनाव और द्विपक्षीय रिश्तों को लेकर बातचीत हुई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बैठक ऐसे समय हुई है जब मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ा हुआ है और अमेरिका-ईरान वार्ता ठप पड़ी हुई है। पाकिस्तानी मीडिया और ईरानी एजेंसियों के अनुसार, मोहसिन नकवी ने तेहरान में राष्ट्रपति पजशकियान के साथ करीब 90 मिनट तक बातचीत की।
बैठक में क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा हालात और ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके अलावा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी बात हुई।
अमेरिका गाजा राहत फाउंडेशन की जांच करेगा
अमेरिकी विदेश विभाग की निगरानी यूनिट गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) की जांच कर रही है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा में इमरजेंसी राहत पहुंचाने के लिए दिए गए करोड़ों डॉलर के फंड और उसके इस्तेमाल को लेकर जांच शुरू हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, विदेश विभाग का ऑफिस ऑफ इंस्पेक्टर जनरल GHF को दी गई 3 करोड़ डॉलर की ग्रांट की जांच कर रहा है। यह फाउंडेशन गाजा में राहत सामग्री बांटने के लिए अमेरिका और इजराइल के समर्थन से बनाया गया था।
GHF को लेकर शुरुआत से विवाद रहा है। संस्था पर आरोप है कि उसने गाजा में राहत वितरण के दौरान संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय सहायता नेटवर्क को दरकिनार किया।
इसके अलावा राहत केंद्रों के आसपास कई बार हिंसा की घटनाएं भी हुईं। आरोप है कि इजराइली सैनिकों और निजी सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी में गोलीबारी हुई, जिसमें कई फिलिस्तीनी मारे गए।
संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने अगस्त 2025 की रिपोर्ट में दावा किया था कि मई 2025 से शुरू हुए GHF ऑपरेशन के बाद उसके राहत केंद्रों के आसपास कम से कम 859 फिलिस्तीनी मारे गए। इनमें राहत लेने पहुंचे आम नागरिक भी शामिल थे।
ट्रम्प बोले- नेतन्याहू वही करेंगे जो मैं कहूंगा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने बुधवार को दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और लगभग सब कुछ खत्म हो चुका है। US कोस्टगार्ड एकेडमी में भाषण देते हुए ट्रम्प ने कहा कि अब सिर्फ एक सवाल बचता है क्या अमेरिका जाकर इसे पूरी तरह खत्म करेगा, या फिर ईरान कोई समझौते पर हस्ताक्षर करेगा? देखते हैं आगे क्या होता है।
इससे पहले ट्रम्प ने कहा कि इजराइल में उनकी लोकप्रियता 99% है और वे अमेरिका के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री का चुनाव भी लड़ सकते हैं। पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि उन्हें इजराइल में बहुत समर्थन मिलता है। अगर जरूरत पड़ी तो इजराइली पीएम नेतन्याहू वही करेंगे जो वे चाहेंगे। ट्रम्प ने नेतन्याहू को बहुत अच्छा नेता बताया और कहा कि उनके साथ इजराइल में सही व्यवहार नहीं किया जाता।
वहीं, UAE की सरकारी तेल कंपनी ADNOC ने कहा है कि होर्मुज को बायपास करने वाली नई तेल पाइपलाइन का करीब 50% काम पूरा हो चुका है। ADNOC के प्रमुख सुल्तान अल जाबेर ने बताया कि यह पाइपलाइन UAE के तेल निर्यात को ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने के लिए तैयार की जा रही है।