Ethanol Blending in Petrol: पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने के बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा था कि सरकार अब 25% इथेनॉल ब्लेंड करने की तैयारी कर रही है. लेकिन अब सरकार ने इथेनॉल मिक्स करने को लेकर संसद में पूरी स्थिति को साफ कर दिया है.
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का फिलहाल पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग 20 प्रतिशत से आगे बढ़ाने का कोई प्लान नहीं है. इसके अलावा सरकार ने यह भी साफ किया कि कुछ पेट्रोल पंप पर कम ब्लेंडिंग वाला तेल या शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध कराने का भी किसी तरह का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि डीजल में इथेनॉल ब्लेंडिंग शुरू करने को लेकर किसी भी तरह तुरंत कोई कदम नहीं उठाया जाएगा. इसको लेकर आने वाले समय में फैसला पूरी तरह से इवेल्यूएशन और संबंधित पक्षों से बातचीत पर निर्भर करेगा. मंत्री की तरफ से सदन को बताया गया कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत से ज्यादा इथेनॉल मिलाने का कोई भी अगला कदम पूरी तरह से तकनीकी स्टडी पर बेस्ड होगा. इस प्रोसेस में ऑटोमोबाइल निर्माताओं, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और रिसर्च संस्थानों के साथ मिलकर चर्चा की जाएगी.
सरकार ने एक साल पहले अचीव किया टारगेट
सरकार की तैयारी पर्यावरण के अनुकूल, गाड़ियों के लिए बेहतर फ्यूल की तरफ धीरे-धीरे आगे बढ़ना है. देश में पिछले साल ही पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने के टारगेट को हासिल कर लिया गया था. अब देश में ई20 (E20) ही स्टैंडर्ड पेट्रोल वेरिएंट बन गया है. पुराने वाहनों से कम माइलेज मिलने और इंजन घिसने जैसी खबरों पर सरकार की तरफ से बताया गया कि उन्हें इस बारे में किसी तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है.
वायरल दावों में किसी तरह की हकीकत नहीं
सरकार की तरफ से कहा गया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले दावों में किसी तरह की हकीकत नहीं है. सरकार ने कहा कि यदि ई20 ईंधन (E20 Petrol) से कारों के प्रदर्शन या उनकी उम्र पर किसी तरह का बुरा असर पड़ता, तो बड़े लेवल पर वारंटी क्लेम और सर्विस रिकॉर्ड में जरूर दिखाई देता. सरकार ने यह भी कहा कि ई10 (E10) के लिए डिजाइन किये गए कुछ व्हीकल में माइलेज की कमी आमतौर पर 3 से 5 प्रतिशत तक की देखी जा रही है.