अमेरिका के पास मौजूद वेनेज़ुएला के साथ उसके तनाव चल रहे हैं. अब ये तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिका ने दुश्मन को चेतावनी देने के लिए 10 F-35 फाइटज जेट की तैनाती की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को बेहद सख्त लहजे में कहा कि अगर वेनेज़ुएला के F-16 लड़ाकू विमान अमेरिकी युद्धपोतों के ऊपर से उड़ान भरते हैं और अमेरिकी सुरक्षा को खतरे में डालते हैं, तो उन्हें तुरंत मार गिराने का आदेश है.
यह बयान ऐसे वक्त आया है जब दो दिन लगातार वेनेज़ुएला के F-16 फाइटर जेट अमेरिकी नेवी शिप्स के बेहद करीब उड़ते देखे गए. दरअसल, हाल ही में अमेरिकी सेना ने वेनेज़ुएला की एक नाव को ‘ड्रग्स ले जाने’ के आरोप में निशाना बनाया था. इस हमले में 11 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच रिश्ते और बिगड़ गए हैं. ट्रंप ने कहा कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो उनकी सेना को खुली छूट है.
F-35 जेट्स तैनात
व्हाइट हाउस ने ऐलान किया है कि अमेरिका 10 F-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स को प्यूर्टो रिको भेज रहा है. इससे पहले से ही दक्षिण कैरिबियाई क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक जहाज और हजारों सैनिक तैनात हैं. ट्रंप ने कहा- ‘हम ड्रग्स पर सख्त हैं. हम नहीं चाहते कि ड्रग्स हमारे लोगों की जान लें.’ उन्होंने वेनेज़ुएला के कुख्यात गिरोह ट्रेन डी अरागुआ (TDA) का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि यह देश नार्को-टेररिज्म का अड्डा बन चुका है.
बातचीत को तैयार- मादुरो
वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिकी आरोपों को नकारते हुए कहा कि ‘वे जो रिपोर्ट ट्रंप को देते हैं, वे झूठी हैं. आज वेनेज़ुएला कोका की खेती से मुक्त है और ड्रग्स के खिलाफ लड़ रहा है.’ मादुरो ने अपने राष्ट्रव्यापी संबोधन में कहा- ‘हमारे मतभेद कभी भी सैन्य संघर्ष तक नहीं पहुंचने चाहिए. वेनेज़ुएला हमेशा बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन हमें सम्मान चाहिए.’
यह कोई पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने मादुरो को घेरा हो. अपने पहले कार्यकाल के दौरान ही ट्रंप प्रशासन ने मादुरो और उनके सहयोगियों पर नार्को-टेररिज़्म, भ्रष्टाचार और ड्रग्स तस्करी के आरोप लगाए थे. हाल ही में ट्रंप ने मादुरो की गिरफ्तारी में मदद के लिए इनाम बढ़ाकर 50 मिलियन डॉलर कर दिया. वहीं मादुरो अमेरिका पर ‘सत्ता परिवर्तन की साजिश’ का आरोप लगाते रहे हैं.
वेनेजुएला के पास हैं F-16
वेनेजुएला उन शुरुआती देशों में से एक है जिसने अमेरिकी F-16 फाइटर जेट फैल्कन खरीदे थे. 1982 में अमेरिका ने वेनेज़ुएला को लगभग 24 F-16A/B विमान बेचे थे. ये विमान कई दशकों तक वेनेज़ुएला वायुसेना की रीढ़ बने रहे. 2006 के बाद अमेरिका ने स्पेयर पार्ट्स और हथियार आपूर्ति रोक दी, क्योंकि वेनेज़ुएला ने ईरान और क्यूबा जैसे देशों से नजदीकी बढ़ाई. इसके बाद से F-16s की मेंटेनेंस और अपग्रेड में भारी मुश्किलें आईं. इसके बाद वेनेज़ुएला ने रूसी Su-30MK2 लड़ाकू विमान खरीदे.