सात की मौतः एक पल में उजड़ गई दुनिया, एक्सीडेंट देख हर कोई सदमें में

सहारनपुर हादसे ने सोना सैयद माजरा निवासी महेंद्र सैनी को ऐसे जख्म दे दिया जो ताउम्र भरने वाले नहीं हैं। एक ही पल में उनका भरा पूरा परिवार उजड़ गया। पत्नी, बेटे, बेटी, दामाद, दो साल का मासूम नाती, साली के बेटे और समधी को खो चुका महेंद्र हादसे के बाद बदहवास है। नाते रिश्तेदार उसे सांत्वना देने पहुंच रहे हैं, लेकिन वह जैसे अपनी सुध बुध खो चुके हैं।

परिवार के सभी सदस्य शुक्रवार सुबह नौ बजे घर से निकले थे। कुछ ही देर में मनहूस खबर मिली कि उनकी कार बजरी से लदे डंपर के नीचे दब गई है। वह सिर पकड़ कर नीचे बैठ गए। पड़ोसियों ने किसी तरह संभाला।

कुछ उम्मीद थी कि शायद कोई चमत्कार हो गए, लेकिन करीब एक घंटे बाद जब कार से डंपर और बजरी हटी तो सभी जिंदगियां थम चुकी थीं। शवों को देख एकबारगी राह चलते लोगों की भी चीख निकल गई। इनमें चार को जिला अस्पताल सहारनपुर और अनिरुद्ध सहित तीन को फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। वहां से इन तीनों की मौत की पुष्टि होने पर इन्हें भी जिला अस्पताल भेज दिया गया। हादसे के बाद उनके घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा था।

संदीप सोना बस स्टैंड पर मेडिकल स्टोर चलाते थे, जबकि उनका बड़ा भाई प्रदीप किसी कंपनी में नौकरी करता है। संदीप हंसमुख मिजाज थे। अभी उनकी शादी नहीं हुई थी। बड़े भाई प्रदीप की पिछले साल शादी हुई थी। जिस पंच कार में हादसा हुआ वह प्रदीप को दहेज में मिली थी। हादसे में प्रदीप के ससुर उमेश की भी मौत हो गई।

ऐसा दिन देखना पड़ेगा, कभी नहीं सोचा था : महेंद्र

परिवार के सात सदस्यों को खोने वाले महेंद्र सैनी हादसे के बाद से गुमसुम हैं। ग्रामीण उन्हें सांत्वना देने आ रहे हैं, लेकिन उन्हें जैसे कुछ होश ही नहीं है। लोगों ने ढांढस बंधाया तो सिसक पड़े। काफी देर तक रोते रहे फिर बोले मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई, जिस वक्त घर से पत्नी, बेटा, बेटी और मासूम नाती निकले थे सपने में भी नहीं सोचा था कि वह उन्हें आखिरी बार देख रहे हैं।

हम उम्र साले की मौत से पहले ही दुखी थे कि कुदरत ने ऐसा जख्म दे दिया जो आखिरी सांस तक नहीं भरेगा। बेटी दामाद दोनों असमय चले गए अब बचे नाती अभिनंदन का क्या होगा। वह तो पांच साल का ही है। बिन मां बाप का बच्चा कैसे पलेगा। उसे तो पता भी नहीं होगा कि उसके मां बाप दोनों ही चल बसे हैं।

घर में बच गए केवल दादी-पोते
हादसे के शिकार हुए हरिद्वार के थाना भगवानपुर के गांव छांगामजरी निवासी शेखर अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। उनके पिता की भी मौत हो चुकी है। इस हादसे में शेखर की पत्नी जूली और दो साल के बेटे अनिरुद्ध की जान चली गई।

उनका छह साल का बड़ा बेटा स्कूल जाने की वजह से अपनी दादी के पास रह गया था, जिस वजह से उसकी जान बच गई। शेखर हरिद्वार में ही किसी कंपनी में नौकरी करता था। उसकी मौत के बाद परिवार में मां और बेटा बचे हैं। इनके सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है।

हादसे के बाद यह रहा घटनाक्रम
मिनट दर मिनट
– 9 बजे पूरा परिवार कार में सवार होकर घर से निकला।
– 9.15 बजे गांव से बाहर एक्सप्रेसवे पर आते ही हादसा हुआ।
– 10:15 बजे तक शवों को बाहर निकाला गया
– 10:30 बजे आक्रोशित भीड़ ने टोल प्लाजा के पास जाम लगा दिया।
– 11 बजे एसपी देहात, एसडीएम समेत अन्य अधिकारी पहुंचे।
– 11:45 बजे सांसद इमरान मसूद, विधायक आशु मलिक और एमएलसी शाहनवाज खान पहुंचे।
– 1:30 बजे अधिकारियों ने मांगे मानने का आश्वासन दिया।
– 2 बजे लाठियां फटकार एक्सप्रेसवे से जाम खुलवाया।
– 3.10 बजे मंडलायुक्त, डीआईजी, जिलाधिकारी और एसएसपी घटनास्थल पर पहुंचे।

गमगीन माहौल में किया अंतिम संस्कार, मंत्री हुए शामिल
हादसे के बाद पोस्टमार्टम हाउस से संदीप और उसकी मां रानी के शव देर शाम पुलिस सुरक्षा में गांव पहुंचे। इसके बाद बेहद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार में प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री जसवंत सैनी, पूर्व विधायक नरेश सैनी, पूर्व मंत्री साहब सिंह सैनी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। उधर, चिलकाना के दौलतपुर में भी देर शाम विपिन के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाकी चारों शवों को उनके परिजन यहां से लेकर हरिद्वार चले गए।

अधिकारियों ने यह दिया आश्वासन
एक्सप्रेसवे पर जाम के दौरान ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और मुआवजा देने की मांग की। लिखित आश्वासन मांगते रहे। काफी देर तक अधिकारियों से जद्दोजहद हुई। हालांकि, बाद में मृतकों को मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत मुआवजा और वाहन के थर्ड पार्टी बीमा का लाभ दिलाया दिलाने का आश्वासन दिया गया।

हर संभव की जाएगी मदद : पूर्व मंत्री
पूर्व मंत्री डॉ. धर्मवीर सिंह सैनी ने कहा कि मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए आश्वस्त किया। वह परिवार के साथ हर समय खड़े रहेंगे। कहीं पर भी कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

दुख की घड़ी में परिवार के साथ : इमरान
सांसद इमरान मसूद घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने मृतकों के परिजनों से बातचीत की। इमरान ने कहा कि दुख की घड़ी में परिवार के साथ है। सरकार से हरसंभव मदद दिलाई जाएगी।

हादसे के कारणों का पता लगाएगी टीम : डीएम
सहारनपुर। डीएम मनीष बंसल ने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे वर्तमान में निर्माणाधीन है। सर्विस रोड पर यातायात चल रहा है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एक समिति गठित कर दी है। इसमें एडीएम प्रशासन और एसपी यातायात शामिल हैं। तत्काल रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। जांच में डंपर के कागजात पूरे मिले हैं। आगे हादसे न हो, इसके लिए एनएचएआई को निर्देश दिए गए। नियमानुसार परिवार की आर्थिक सहायता की जाएगी।

प्राथमिकी दर्ज, स्थिति सामान्य : एसएसपी
एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि हादसे में घायलों को पुलिस ने समय पर अस्पताल में पहुंचाया। कुछ लोगों ने टोल प्लाजा पर जाम लगाने का प्रयास किया था। जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर जाम को खुलवाया गया। अब यातायात सुचारू रूप से चल रहा था। प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी को भी हिरासत में ले लिया है।

सहारनपुर के सोना सैयद माजरा गांव के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार बजरी से लदा डंपर कार पर पलट गया। हादसे में मां-बेटा, बेटी और दामाद सहित सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सभी एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। गुस्साए लोगों ने एक्सप्रेसवे पर जाम लगा दिया। साढ़े तीन घंटे तक अफसरों, नेताओं समेत सैकड़ों वाहन फंसे रहे। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को हटाया।

गागलहेड़ी थाने के सोना सैयद माजरा गांव निवासी मेडिकल स्टोर संचालक संदीप सैनी (25) के मामा ऋषिपाल सैनी निवासी मोहद्दीपुर की बृहस्पतिवार शाम बीमारी के कारण मौत हो गई थी। शुक्रवार सुबह अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए संदीप अपनी मां रानी (55), बहन जूली (27), जीजा शेखर (28), भांजे अनिरुद्ध (2) निवासी छांगा मजरी थाना भगवानपुर हरिद्वार, मौसेरे भाई विपिन (22) निवासी दौलतपुर व भाई प्रदीप के ससुर उमेश सिंह (55) निवासी मेहदूदपुर रावली हरिद्वार के साथ पंच कार में जा रहे थे।

सुबह करीब सवा नौ बजे कार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सोना सैयद माजरा गांव के अंडरपास से सहारनपुर की तरफ सर्विस रोड पर पहुंची थी। इसी दौरान देहरादून की तरफ से तेज रफ्तार आ रहा बजरी से लदा ओवरलोड डंपर अनियंत्रित होकर कार के ऊपर पलट गया।

हादसा होते ही ग्रामीण दौड़कर पहुंचे और बजरी को हटाने का प्रयास किया लेकिन जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद शव बाहर निकाले गए। लोगों ने डंपर के चालक-परिचालक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।