पेनड्राइव और डॉक्टर के बयान से बच जाएगा विपिन का परिवार! सामने आया नया सच

निक्की हत्याकांड के मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। निक्की की बहन कंचन ने बताया कि घटना के बाद वह बेहोश हो गई थी। निक्की का मोबाइल कहां है, उसे नहीं मालूम है। निक्की के पास पेन ड्राइव के संबंध में उसे कोई जानकारी नहीं है। निक्की व उसकी बहन और सिर्फ फोन उपयोग करती है। उनके पास कोई लैपटॉप और पेन ड्राइव नहीं थी। घटना के बाद से मनगढ़ंत कहानी बनाकर सोशल मीडिया पर चलाई जा रही है। वह सभी से अपील करती है कि निक्की और उसके परिवार को न्याय दिलाने में मदद करें।

अस्पताल के डॉक्टरों के बयान दर्ज
सिरसा गांव में बुटीक संचालिका निक्की के मृत्यु से पहले अस्पताल में दिए गए बयान आरोपियों को सजा दिलाने में अहम साक्ष्य बनेंगे। इसलिए पुलिस की ओर से मामले में घटना के बाद ग्रेटर नोएडा स्थित फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों के बयान दर्ज करने के साथ अस्पताल से मिले मेमो को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। जिससे आरोपियों को हत्या के मामले में सजा दिलाने के साथ जमानत अर्जी खारिज कराई जा सके।

विपिन का चचेरा भाई ले गया था अस्पताल
21 अगस्त को सिरसा स्थित ससुराल के घर में झुलसने के बाद शाम करीब छह बजे निक्की को पहले फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया था। निक्की को आरोपी विपिन के चचेरे भाई देवेंदर की ओर से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां सबसे पहले डॉ. यसीन ने निक्की को देखा। उन्होंने जो अपनी एमएलसी रिपोर्ट तैयार की। उसमें लिखा है कि निक्की को (क्रिटिकल) यानी गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था।

सिलेंडर फटने से जली थी
डॉक्टर ने इस दौरान एमएलसी की रिपोर्ट की मेडिकल हिस्ट्री में लिखा है कि घर पर गैस सिलेंडर फटने से मरीज काफी गंभीर तरह से जल गया है। इस मेमो पर अस्पताल की मुहर लगने के बाद इसे सबसे पहले कासना कोतवाली भेजा गया था। वही कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र शुक्ल का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। जांच कर जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

आरोपियों ने नहीं लगाई जमानत की अर्जी
वहीं डीसीजी क्राइम ब्रह्मजीत भाटी का कहना है कि मामले में आरोपियों की ओर से अबतक जिला जज की अदालत में जमानत के लिए अर्जी नहीं आई है। आरोपियों को हत्या के तहत दर्ज मामले में निक्की के मृत्यु पूर्व दिए गए बयान अहम साक्ष्य बनेंगे।

निक्की का इलाज करने वाले डॉक्टर और नर्स के बयान दर्ज
आरोपी के परिजन का दावा है कि जिस गाड़ी में निक्की को घर से फोर्टिस अस्पताल तक ले जाया गया। उस गाड़ी निक्की के अलावा उसकी सास दया, ससुर सतवीर और देवेर देवेंद्र मौजूद था। देवेंद्र गाड़ी चला रहा था। अस्पताल पहुंचने के बाद जिस पहले डॉक्टर और नर्स ने निक्की को देखा उस वक्त तक निक्की होश में थी और बात कर रही थी। निक्की ने उन्हीं डॉक्टर और नर्स को पूछने पर बताया था कि घर में सिलेंडर फटने की वजह से वह झुलस गई थी। जिस डॉक्टर और नर्स के सामने निक्की ने सिलेंडर फटने का बयान दिया था। पुलिस उन दोनों डॉक्टर और नर्स के बयान दर्ज किए हैं।

अधिवक्ता को उपलब्ध कराई सीसीटीवी की फुटेज
आरोपियों के परिजन ने आरोपियों की जमानत के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार करने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को आरोपियों के परिजनों ने सूरजपुर स्थित कोर्ट परिसर पहुंचकर अपने अधिवक्ताओं को एक पेन ड्राइव में घटना के वक्त की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई। आरोपियों के परिजन ने बताया कि घटना के वक्त विपिन घर के बाहर था। आरोपी की मां भी दूध लेकर आने के बाद दुकान पर बैठी थी। आरोपी का पिता सतवीर भी घर के बाहर थे। जबकि जेठ सिरसा टोल प्लाजा के पास काम पर था। वह सिरसा टोल प्लाजा के एक अधिकारी की गाड़ी चलाता है।