बिहार में जहरीली शराब से 5 की मौत? 4 की पुष्टि, कई लोगों के आंखों की रोशनी गई

सारण: बिहार के सारण जिले में एक बार फिर कई लोगों की मौत से हड़कंप मचा है. जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से पांच लोगों की मौत की खबर सामने आ चुकी है. 11 मार्च से लोगों की तबीयत बिगड़ रही है. वहीं पहली मौत भी बुधवार (11 मार्च) को ही हुई थी, जो आंकड़ा बढ़कर अब पांच हो गया है. हालांकि प्रशासन ने चार लोगों की मौत की पुष्टि की है. वहीं आधिकारिक स्तर पर जहरीली शराब से मौत की पुष्टि अभी तक नहीं की गई है.

पांच की मौत: 11 मार्च 2026 को मशरख थाना क्षेत्र के मशरख तख्त गांव निवासी संतोष महतो (पिता-चंद्रिका महतो) की मौत हो गई. 12 मार्च को पानापुर थाना क्षेत्र के धेनुकी गांव के सुकन नट (50) और दूबौली गांव निवासी धर्मेन्द्र राय (42) की मौत इलाज के दौरान हो गई है. जबकि 13 मार्च को मशरख थाना क्षेत्र के पूरब टोला निवासी पंकज कुमार की मौत हुई है. पानापुर में 2 और मशरख में 2 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. वहीं मशरख के रघुवर महतो की भी मौत की खबर है.

डॉक्टर को संतोष ने बतायी थी शराब पीने की बात
मृतक संतोष की पत्नी ने शराब से मौत की कही बात: रोती बिलखती संतोष महतो की पत्नी ने पति की मौत के लिए जहरीली शराब को वजह बताया था. उन्होंने कहा कि मेरे पति ने एक दिन पहले सुबह शराब पी थी, लेकिन शाम को बिल्कुल ठीक थे. रात को खाना खाकर सोए और सुबह उठते ही उनकी आंखों की रोशनी चली गई. इलाज के लिए मशरख पीएचसी लेकर गए लेकिन वहां से छपरा रेफर कर दिया गया. अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. “मेरे पति पेंट का काम करते थे, काम से लौटते वक्त रास्ते में जहरीली शराब पी थी. कुछ दिन पहले पुलिस ने शराब बेचने को लेकर इन्हें पकड़ा था, लेकिन घर से कुछ नहीं मिला था.”- सूरजपति देवी, मृतक की पत्नी

चाचा के बयान का पुलिस ने दिया हवाला: पुलिस का कहना है कि मृतक संतोष महतो के चाचा द्वारा भी बताया गया कि उनके भतीजे की तबीयत पहले से खराब थी. अधिक तबीयत बिगड़ने पर स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से रेफर किए जाने के क्रम में छपरा ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई.

प्रशासन ने नहीं की जहरीली शराब से मौत की पुष्टि: वहीं प्रशासन जहरीली शराब से मौत की बात मानने इनकार कर रहा है. सारण पुलिस ने इस बाबत प्रेस विज्ञप्ति जारी की है. संतोष महतो की मौत के पीछे का कारण बीमारी बताया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि अभी मामले की जांच चल रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण पता चल पाएगा.

4 की गई आंखों की रोशनी: एक बार फिर कथित जहरीली शराब से मौत के मामले ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन पुलिस इस मामले में अभी तक जहरीली शराब से मौत का खुलासा नहीं कर रही है. शराब पीने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की बात भी सामने आई है. जानकारी के अनुसार 4 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है, जबकि कई लोग इलाजरत हैं.

‘संतोष और रघुवर ने साथ में पी थी शराब’: मृतकों में मशरख थाना क्षेत्र के मशरख तख्त निवासी रघुवर महतो और संतोष महतो शामिल हैं. वहीं धेनुकी पानापुर के सुखल नट पानापुर के धर्मेंद्र राय और मशरख के पंकज सिंह की भी मौत हो चुकी है. परिजनों के अनुसार मशरख तख्त के रघुनाथ महतो और संतोष महतो ने एक साथ शराब पी थी, जिसमे संतोष की मौत पहले ही हो चुकी है. रघुवर महतो का इलाज चल रहा था, शुक्रवार को उन्होंने भी दम तोड़ दिया.

”मैं काम पर चला गया था. सुबह जाते वक्त इनसे कहा था कि अगर आपने दारू (शराब) पी होगी तो सावधान हो जाइयेगा, दोबारा मत जाइयेगा. लोग बीमार हो रहे हैं. यह सुनकर इनको घबराहट होने लगी. अभी ठीक हैं.”- मिथिलेश कुमार, मरीज के बेटे

दोषियों पर कार्रवाई की मांग: फिलहाल धर्मेंद्र राय का पोस्टमार्टम हो चुका है और परिजनों के अनुसार सभी लोगों की तबीयत देसी शराब पीने के बाद ही बिगड़ी है. वहीं पुलिस प्रशासन की टीम मामले की जांच में जुटी है. लगातार हो रही मौतों के बाद इलाके के लोगों के बीच भारी आक्रोश है. स्थानीय लोग प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

”मेरा गांव पानापुर है. इनकी तबीयत जहरीली शराब पीने से बिगड़ी थी. मेरे गांव में जहरीली शराब बिकता है. 5-7 लोगों ने शराब पी थी, जिसमें से कुछ लोगों की मौत हो गई. मेरे भाई की आज मौत हो गई. शराब पीने के बाद आंख से दिखाई नहीं दे रहा था, कमजोरी महसूस हुई, सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. पटना के मैक्स अस्पताल में इलाज कराया था.”- मृतक धर्मेन्द्र राय के छोटे भाई

26 लीटर देसी शराब जब्त : बताया जा रहा है कि अस्पतालों में भर्ती कराने का सिलसिला लगातार जारी है. स्थिति को देखते हुए प्रभावित इलाके में पुलिस और प्रशासन की टीम छापेमारी कर रही है और अवैध शराब के ठिकानों की तलाश की जा रही है. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. 11 मार्च को स्थानीय मुकेश महतो के घर पर छापेमारी की गई, जहां से 26 लीटर देसी शराब जब्त की गई. साथ ही दो लोगों को हिरासत में लिया गया है. जब्त शराब की रासायनिक जांच कराई जा रही है.

सारण SSP का बयान: पूरे मामले पर सारण के एसएसपी विनीत कुमार का कहना है कि मृत्यु के कारण की अभी चिकित्सीय तौर पर हम लोगों को जानकारी नहीं मिली है. मशरख थाने में प्राथमिकि दर्ज हुई है, उसमें दो लोग गिरफ्तार हुए है. पानापुर की प्राथमिकी में दो लोग गिरफ्तार हुए हैं. हम लोग लगातार इसमें एक्साइज डिपार्टमेंट के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चला रहे हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है.

सभी थानों को किया गया अलर्ट
“जिला पुलिस ये आश्वस्त करती है कि शराबबंदी के विरूद्ध जो अभियान है, जिला पुलिस का, जिला एक्साइज का वो युद्ध स्तर पर जारी है. आम जनता से आपके माध्यम से हम अपील करेंगे कि कहीं भी किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिले तो फौरन सूचित करें, उस पर हम कार्रवाई करेंगे. एहतियातन जिले के सभी थाना को अलर्ट कर दिया गया है.”- विनीत कुमार, SSP, सारण

एसआईटी का गठन: विनित कुमार ने कहा कि एसआईटी का गठन ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में किया गया है, ताकि घटनाओं के तह तक हम लोग पहुंच सके. पुराने केसों को भी खंगाला जा रहा है. कोई भी व्यक्ति किसी भी अवैध गतिविधि में संलिप्त होता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.

कुल 11 गिरफ्तार: पिछले दो दिनों (11 और 12 मार्च) में पानापुर प्रखंड के धेनुकी, धेनुकी नट टोला, दुबौली और मशरक प्रखंड के डुमरसन, चैनपुर ,मशरक पूरब टोला, चरिहारा, बंगरा, किशनपुर आदि क्षेत्रों में 160 जगहों पर छापेमारी की गई है. इस क्रम में 6 अभियोग दर्ज हुआ है और 11 लोगों की गिरफ्तारी की गई है. छापेमारी के क्रम में 1650 लीटर देशी शराब मौके पर विनष्ट किया गया है. 28 लीटर चुलाई शराब और 28.4 लीटर विदेशी शराब भी नष्ट किया गया है.

2022 का बड़ा कांड: सारण के मशरख के लिए साल 2022 काफी भयावह रहा था. इस साल सबसे बड़ा शराब कांड हुआ था. जहरीली शराब पीने से 70 से अधिक लोगों की मौत हुई थी. इस मामले में मशरख थानाध्यक्ष से लेकर स्थानीय चौकीदार तक को निलंबित किया गया था. बिहार में शराबबंदी: बिहार में साल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है. वर्तमान में बिहार सरकार विपक्ष के साथ ही पक्ष के सदस्यों की ओर से उठ रहे समीक्षा की मांग के बावजूद सख्ती से इसे जारी रखने के फैसले पर अडिग है. नीतीश कुमार शराबबंदी खत्म करने या इसकी समीक्षा के पक्ष में नहीं हैं. इतनी सख्ती के बावजूद भी लगातार अवैध शराब की तस्करी से लेकर जहरीली शराब पीने से मौत के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.