बिहार के यात्रियों को झटका! पटना से नहीं चलेगी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, इस रूट का हुआ ऐलान

पटना: बिहार के लोगों के लिए नए साल की शुरुआत अच्छी खबर के साथ नहीं हो रही है. लंबे समय से ये चर्चा थी कि भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिल्ली से पटना के बीच चलाई जाएगी. इससे बिहार के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी. लेकिन अब रेल मंत्रालय ने पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के रूट का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. ये ट्रेन दिल्ली-पटना की जगह गुवाहाटी से कोलकाता के बीच चलेगी. इस फैसले से बिहार के यात्रियों को झटका लगा है.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता तक चलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस ट्रेन का उद्घाटन करेंगे. ये घोषणा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले की गई है. लिहाजा इसे राजनीतिक तौर पर भी काफी अहम माना जा रहा है. इस रूट से असम और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा.

स्पीड ट्रायल में सफल
दो दिन पहले ही भारतीय रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का आखिरी हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया था. ये ट्रायल राजस्थान के कोटा–नागदा सेक्शन पर किया गया. ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की थी. यह ट्रायल रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) की निगरानी में हुआ था. रेल मंत्री ने इसका वीडियो भी शेयर किया था.

इससे पहले दावा किया गया था कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिल्ली–पटना रूट पर चलाने की तैयारी चल रही है. दावा किया गया था कि डीडीयू जंक्शन, प्रयागराज और कानपुर होते हुए ये ट्रेन चलेगी. इससे यात्रा समय घटकर करीब 11.5 घंटे हो सकता है, जो अभी 12 से 17 घंटे तक है.

क्या है इस ट्रेन की खासियत?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कुल 16 कोच की होगी.
इसमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल होंगे.
इस ट्रेन में कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे.
यह एक सेमी हाई-स्पीड ट्रेन है, जिसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है.
लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखते हुए इसमें आरामदायक और मुलायम बर्थ लगाए गए हैं.
ट्रेन में ऑटोमैटिक दरवाजे, कोचों के बीच वेस्टीब्यूल की सुविधा.
बेहतर सस्पेंशन और कम शोर वाली तकनीक दी गई है, जिससे सफर शांत और आरामदायक होगा.
सुरक्षा के लिए कवच प्रणाली, सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम मौजूद हैं.
साफ-सफाई के लिए डिसइन्फेक्टेंट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.
लोको पायलट के लिए भी आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम वाला एडवांस ड्राइवर केबिन दिया गया है.
कुल मिलाकर पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का रूट बिहार से हटकर गुवाहाटी–कोलकाता किया जाना बिहार के यात्रियों के लिए झटका जरूर है. लेकिन आने वाले समय में दिल्ली–पटना रूट पर इस ट्रेन के शुरू होने की उम्मीद अब भी बनी हुई है.