बिहार में हैरान करने वाली घटना; मंडप से गायब हुआ दूल्हा, 18 साल बाद घर लौटा!

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर के गायघाट प्रखंड के लक्ष्मण नगर निवासी विश्वनाथ शाह के 45 वर्षीय पुत्र रौशन कुमार लगभग 18 साल बाद घर लौट आए हैं. रौशन 2008 में अपने पड़ोसी के साथ दिल्ली काम करने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में भटक जाने के कारण अपने परिवार और दोस्तों से बिछड़ गए. इसके बाद उनके परिजन लगातार रौशन की खोज करते रहे, लेकिन कोई खबर नहीं मिल पाई. धीरे-धीरे परिवार को उम्मीद छोड़नी पड़ी और घर लौट आए. कुछ दिनों पहले अचानक परिवार को जानकारी मिली कि रौशन छपरा के एक अस्पताल में भर्ती हैं. परिवार ने तुरंत अस्पताल जाकर रौशन को घर लाया. रौशन के घर लौटने से पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई.

2008 में दिल्ली रवाना, रास्ते में बिछड़ गए रौशन
रौशन की मां रामपरी देवी बताती हैं कि 2008 में रौशन अपने पड़ोसी के साथ दिल्ली काम करने गया था. रास्ते में वह भटक गया और फिर कभी नहीं मिला. हम जब भी उसके बारे में कहीं से जानकारी पाते, तुरंत वहां पहुंचकर खोजते. लेकिन पांच साल बाद भी उसका कोई पता नहीं मिला. अंत में हमने हार मान ली थी और कई बार उसके श्राद्ध कर्म की चर्चा भी हुई थी. अब बेटा घर आया है, मानो भगवान हमें मिला दिए हों.

पिता ने कहा-हर पल थी चिंता
पिता विश्वनाथ शाह ने बताया कि बेटा जब से घर से गया था, तब से हमारी चिंता कभी खत्म नहीं हुई. हमेशा मन में यह सवाल चलते रहते थे कि वह कहां होगा, क्या कर रहा होगा, खाना-पीना ठीक है या नहीं. अब बेटा घर आ गया है, खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. हालांकि रौशन अब मंद बुद्धि के हो चुके हैं. उनका इलाज चल रहा है. रौशन अपने तीन भाईयों में सबसे छोटे हैं.

शादी से भागने का रहस्य: प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत
ग्रामीणों का कहना है कि रौशन बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे. उन्होंने गांव के स्कूल से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की थी. पढ़ाई के दौरान रौशन को एक लड़की से प्रेम हो गया. शुरुआत में उन्होंने चुपके से बात की, लेकिन बाद में मोबाइल फोन के जरिए संपर्क होने पर लड़की के घरवालों को पता चल गया. इसके बाद दोनों के बीच शादी तय हुई.

शादी के दिन अचानक रौशन बीच में भाग गए और शादी पूरी नहीं हो पाई. इस घटना के बाद लड़की पक्ष ने बारात और लड़के पक्ष के लोगों को कुछ समय के लिए रोके रखा, लेकिन बाद में समझौता कर लिया गया. इस समझौते के लिए रौशन के पिता ने अपनी जमीन बेचकर खर्च का भुगतान किया. इस घटना के बाद रौशन की मानसिक स्थिति धीरे-धीरे प्रभावित होने लगी और वह परिवार से बिछड़ गए.

18 साल बाद गांव में खुशी की लहर
अब 18 साल बाद रौशन के घर लौटने की खबर सुनकर ग्रामीण भी खुश हैं. जैसे ही लोग इस बारे में जान रहे हैं, वे रौशन के घर पहुंचकर हालचाल पूछ रहे हैं. परिवार और गांव में खुशी और उत्साह का माहौल बना हुआ है. सभी रौशन के स्वास्थ्य ठीक होने की कामना कर रहे हैं.