पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग की सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। बिहार भूमि पोर्टल पर किया गया निर्धारित सर्वर मेंटेनेंस डिजिटल भूमि सेवाओं को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि आम नागरिकों को भूमि से संबंधित सभी सेवाएं तेज, त्रुटिरहित और सुरक्षित रूप में उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से पोर्टल की कार्यक्षमता को सुदृढ़ करने और डेटा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए भविष्य में तकनीकी सुधारों के माध्यम से सेवाएं बेहतर दी जाएंगी
बिहार भूमि पोर्टल का कराया गया दुरुस्त
विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार का मकसद त्रुटिरहित सेवाएं उपलब्ध कराना है। तकनीकी उन्नयन (Technological Upgradation) का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि इस दौरान क्षेत्रफल का मानकीकरण, हेक्टेयर से एकड़ और डिसमिल में रूपांतरण के साथ तकनीकी सत्यापन के बाद कुल रकबा निर्धारण और अभिलेख अद्यतन (Update) भी किया गया है। नागरिकों की ओर दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल अवसंरचना (Digital Infrastructure) को मजबूत बनाकर हम राजस्व प्रशासन को और अधिक जवाबदेह और जनोन्मुखी (People Oriented) बना रहे हैं। भविष्य में भी तकनीकी सुधारों के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर इजाफा किया जाएगा।
आठ घंटे तक चला पोर्टल का मेनटेनेंस
दरअसल, छुट्टी के दिन रविवार को आठ घंटे तक चले रखरखाव का मुख्य उद्देश्य पोर्टल की तकनीकी क्षमता को अपग्रेड करना, सर्वर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाना और डेटा सुरक्षा तंत्र अधिक मजबूत करना था। इस अवधि में सर्वर अपग्रेडेशन, सुरक्षा प्रोटोकॉल सुदृढ़ीकरण, सिस्टम ऑप्टिमाइजेशन और बैकएंड संरचना में आवश्यक सुधार किए गए। ताकि, भविष्य में उपयोगकर्ताओं को अधिक तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित सेवाएं मिल सकें। समीक्षा के दौरान 10,81,815 ऐसे जमाबंदी अभिलेख चिह्नित किए गए, जिनमें व्यक्तिगत प्लॉट का क्षेत्रफल दर्ज था, मगर कुल रकबा अंकित नहीं था। तकनीकी सत्यापन के बाद संबंधित सभी प्लॉटों के क्षेत्रफल का योग कर कुल रकबा निर्धारित किया गया और अभिलेखों को अपडेट किया गया।