पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी आखिरी पड़ाव पर पहुंच गई हैं। सीईसी ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयोग की टीम बिहार के दिन के दौरे पर है। शनिवार को राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक हुई। इस दौरान सभी दलों ने अपनी मांगें और सुक्षाव आयोग के सामने रखे। जेडीयू ने एक चरण में चुनाव कराने की मांग की। तो वहीं बीजेपी और आरजेडी ने दो चरणों में वोटिंग की डिमांड रखी। राजद की तरफ से सांसद अभय कुशवाहा समेत कई पार्टी नेता बैठक में शामिल हुए। जानकारी देते हुए उन्होने बताया कि राजद ने चुनाव आयोग से दो फेज में चुनाव कराने की मांग की है।
इसके अलावा एसआईआर के बाद जो फाइनल वोटर लिस्ट जारी हुई है। उसमें 3 लाख 66 हजार लोगों के काटे गए नामों की अलग सूची जारी की जाए, साथ ही राजनीतिक दलों को भी एक कॉपी दी जाए। इसके अलावा जो संवेदनशील बूथ है, वहां ज्यादा सतर्कता बरतने की बात कही। ताकि लोगों को वोट देने से रोका न जा सके। राजद सांसद ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान अमर्यादित भाषा और टीका-टिप्पणी पर चुनाव आयोग सख्त निर्देश जारी करे।
अभय कुशवाहा ने कहा कि हर बूथ पर वोटिंग के बाद फॉर्म 17-सी जो हर पोलिंग एजेंट को दिया जाता है। जो कंप्यूटराइज्ड होता है, उसकी कॉपी हर प्रत्याशी को दी जाए। दो फेज में चुनाव हो, और छठ के बाद हो। क्योंकि समय बहुत कम है। इसके अलावा भी आरजेडी की तरफ से कई मांगें और सुझाव लिखित तौर पर चुनाव आयोग को सौंपे गए।
वहीं बीजेपी बुर्का पहनकर वोट देने आने वाली महिलाओं का महिला अधिकारी फोटो मिलान करने की मांग पर राजद सांसद ने कहा कि जब एसआईआर के बाद नई वोटर लिस्ट बनी है। वो भी रंगीन फोटो वाली सूची है। तो इसमें पहचान वाली कौन सी बात है। भाजपा की इस मांग को आरजेडी ने राजनीतिक साजिश करार दिया।