बिहार: थाने में जमा पिस्टल गायब होने से मचा हड़कंप, SP ने थाना प्रभारी सहित तीन को नापा

कटिहार: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा मानकों के तहत लाइसेंसी हथियार थानों में जमा कराए थे। इस दौरान कटिहार के सहायक थाना में चंद्रशेखर सिंह नाम के व्यक्ति ने अपनी पिस्टल जमा की थी। चुनाव खत्म होने के बाद जब उन्होंने अपना हथियार वापस मांगा, तो विभाग के हाथ-पांव फूल गए क्योंकि पिस्टल मालखाने से गायब थी। थाने के भीतर से हथियार का गुम होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कटिहार एसपी शिखर चौधरी ने इसे पुलिस की घोर लापरवाही माना और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।

थाने के मालखाने से पिस्टल गायब
पिस्टल के लाइसेंसधारी चंद्रशेखर सिंह ने चुनाव आयोग के निर्देशानुसार अपनी लाइसेंसी पिस्टल सहायक थाना में सुरक्षित रखने के लिए दी थी। मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब वे अपनी पिस्टल लेने पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उनका हथियार वहां मौजूद नहीं है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद हड़कंप मच गया और तुरंत सहायक थाना में कांड संख्या 1251/25 के तहत अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई।

थाना प्रभारी को किया गया पदमुक्त
कटिहार एसपी शिखर चौधरी ने इस मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए सहायक थाना प्रभारी आनंद कुमार और दो अन्य पुलिस पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। पुलिस अधिकारियों की ओर से दिया गया जवाब असंतोषजनक पाया गया, जिसके बाद एसपी ने थानाध्यक्ष आनंद कुमार को उनके पद से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया। साथ ही, इन तीनों पुलिसकर्मियों के विरुद्ध गंभीर विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश दे दिए गए हैं।

जांच के लिए विशेष टीम गठित
थाने जैसी सुरक्षित जगह से हथियार का गायब होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर दाग है। एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि मामले की तह तक जाने के लिए सदर वन एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह केवल एक हथियार के गायब होने का मामला नहीं है, बल्कि ऑन-ड्यूटी लापरवाही का गंभीर उदाहरण है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।