खाकी में बिहार की बेटियों का दम, यूपी-दिल्ली क्या देश में है इस मामले में नंबर 1

पटना : बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने 21 जनवरी को अपनी सारण यात्रा के दौरान दावा किया कि बिहार में महिला पुलिस की भागीदारी दुनिया में सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के मोर्चे पर बिहार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। महिला पुलिसकर्मियों की हिस्सेदारी के मामले में बिहार देश में पहले नंबर पर पहुंच गया है, जिसने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।

Bureau of Police Research and Development (BPR&D) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में बिहार पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी 23.66 प्रतिशत रही, जो देश में सबसे अधिक है। यह आंकड़ा बताता है कि खाकी में बिहार की बेटियां मजबूती से अपनी पहचान बना रही हैं।

आंकड़ों में बिहार की बढ़त
बिहार में कुल पुलिस बल की संख्या करीब 1.1 लाख है, जिसमें से 31,882 महिला पुलिसकर्मी हैं। इसके मुकाबले उत्तर प्रदेश में पुलिस बल लगभग 4 लाख होने के बावजूद महिला पुलिस की संख्या करीब 33 हजार ही है, जिससे यूपी में महिला भागीदारी सिर्फ 10.49 प्रतिशत रह जाती है। वहीं, दिल्ली पुलिस में महिलाओं की हिस्सेदारी 14.8 प्रतिशत है और 2023 तक वहां महिला पुलिसकर्मियों की संख्या करीब 12 हजार थी।

भर्ती में भी आगे बिहार
महिला भर्ती के मामले में भी बिहार लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। 2021 में बिहार पुलिस में शामिल हुए 1,582 सब-इंस्पेक्टरों में 596 महिलाएं थीं, जो करीब 38 प्रतिशत बैठता है। हालांकि राज्य में महिलाओं के लिए 38 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन मौजूदा संख्या अब भी इस लक्ष्य से थोड़ा कम है।

देशभर में महिला पुलिस की स्थिति चिंताजनक
BPR&D की अप्रैल 2024 में जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश में कुल वास्तविक पुलिस बल करीब 21 लाख है, जिसमें महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 2.63 लाख है। यानी पूरे देश में महिला पुलिस की औसत हिस्सेदारी महज 12.32 प्रतिशत है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि महिला पुलिस की कमी महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने में बड़ी चुनौती बन रही है।

कई राज्यों में हालात बेहद खराब
जहां बिहार, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्य आगे हैं, वहीं कई बड़े और पूर्वोत्तर राज्यों में महिला पुलिस की स्थिति बेहद कमजोर है।

राजस्थान: 33% आरक्षण के बावजूद सिर्फ 10.87% महिला पुलिस
पश्चिम बंगाल: मात्र 9.6%
जम्मू-कश्मीर: 5.38%
असम, मणिपुर, मेघालय: 6–7% के बीच
देश में क्या है बिहार की स्थिति। (स्रोत : BPR&D)

संसद में भी जताई जा चुकी है चिंता
2022 में संसदीय स्थायी समिति ने महिला पुलिस की कम संख्या पर नाराजगी जताते हुए केंद्र सरकार से राज्यों को 33 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व के लिए स्पष्ट रोडमैप बनाने की राय दी थी। समिति ने यह भी कहा था कि महिलाओं की नियुक्ति केवल औपचारिक न होकर, उन्हें महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में तैनात किया जाना चाहिए।