बिहार में जनगणना का काम मई से:पहले चरण में मकानों की गिनती, गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की

पटना: दूसरा चरण फरवरी 2027 से बिहार में जनगणना का पहला चरण मई में शुरू होगा। इस दौरान मकानों की गिनती होगी। इसकी नंबरिंग की जाएगी। इस कार्य में शिक्षकों की ड्यूटी लगेगी। दो फरवरी से बिहार बोर्ड की इंटर और 17 फरवरी से मैट्रिक की परीक्षा होगी। रिजल्ट का संभा

हालांकि, इस संबंध में पूछने पर बिहार जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक एम रामचंद्रुडु ने कहा कि पहले चरण में मकानों की गिनती करनी है। इसको शुरू करने की तारीख तय करने के लिए बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य समन्वय समिति की बैठक होगी। इस बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के मुताबिक 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच पहले चरण का कार्य समाप्त करनी है। फरवरी 2027 में दूसरा चरण होगा। इस दौरान व्यक्तिगत जानकारी देनी होगी।

वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है गांव आने की जरूरत नहीं… पहले चरण में संरचनाओं, घरों, परिवारों की व्यवस्थित सूची तैयार होगी। यदि आप गांव से बाहर है तो गांव आने की जरूरत नहीं है। आप अपनी पूरी जानकारी सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल के माध्यम से दे सकते हैं।

कैसे खुलेगा पोर्टल सल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल पर खोलने पर राज्य, जिला, घर के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी डालना होगा। फिर आपके नंबर पर ओटीपी आएगा। वेरिफाई होने पर लॉगिन होगा। जानकारी भरने के बाद गूगल मैप के माध्यम से घर की तस्वीर सलेक्ट करनी होगी। उसे अपलाेड करना होगा।

मकान की होगी गिनती जनगणना के पहले चरण में प्रत्येक मकान की गिनती होगी। जिन मकानों में व्यक्ति रह रहे हैं उनकी जानकारी प्रगणक लेंगे। जिन मकानों में ताला बंद है उनकी जानकारी भी ताला बंद कर अपलोड की जाएगी।

पहले चरण का ट्रायल पूरा पहले चरण का ट्रायल सारण (सोनपुर), नवादा (रजौली) और सीतामढ़ी (डुमरा) में पूरा हो गया है। प्रगणक को एक बार पोर्टल खोलने और पूरे दिन डेटा संकलित करने के बाद एक बार डेटा को अपलोड करने के लिए इंटरनेट की जरूरत होगी।

कौन करेगा कार्य… जनगणना का कार्य प्रगणक के रूप में शिक्षक करेंगे। इस कार्य में 2.15 लाख शिक्षकों की जरूरत होगी। एक प्रगणक को 700-800 लोगों या 150 से 180 मकानों की गणना होनी है। इसकी मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक 6 प्रगणक पर एक प्रेक्षक को तैनाती होगी। इनकी संख्या करीब 35 हजार प्रेक्षक होंगे। जनगणना कार्य करने वाले प्रगणक को 25000 रुपए मानदेय मिलेगा। इसमें पहले चरण के लिए 9000 और दूसरे चरण के लिए 16000 रुपए है।