बिहार में टूटेगा कांग्रेस और RJD का गठबंधन! कारण बताते हुए शकील अहमद खान ने दिए संकेत

पटना: बिहार चुनाव में महागठबंधन की हार का साइड इफेक्ट धीरे- धीरे सामने आने लगा है। अब कांग्रेस पार्टी की ओर से साफ किया गया है कि आरजेडी के साथ सियासी रिश्ता ज्यादा दिन तक चलने वाला नहीं है। कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि बिहार चुनाव के बाद दिल्ली में एक कांग्रेस पार्टी की समीक्षा बैठक हुई। शीर्ष नेतृत्व ने तमाम लोग, जिन्होंने चुनाव लड़ा। उनको बुलाया। उसके बाद सभी सांसदों को बुलाया। उसके बाद जिला के अध्यक्षों की बैठक पटना में आयोजित की गई। वहां पर हार के कारणों की तलाश की गई। उसमें एक मेजर कारण ये सामने आया कि कांग्रेस पार्टी को अपना रास्ता खुद तैयार करना चाहिए। कांग्रेस पार्टी की अपनी जमीन है। जहां तक समीकरणों का सवाल है। कांग्रेस पार्टी के पक्ष में कुछ लोग नहीं आते हैं। उसके कुछ ठोस कारण हैं।

अलग चलना होगा- कांग्रेस
शकील अहमद खान ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा अपने नारे के साथ चलती रही है। न जात पे, न पात पे, मोहर लगेगी हाथ पे। गरीबों का हाथ और गरीबों का साथ। 2004 का नारा पार्टी की ओर से लगाया गया था। उसका हमको लाभ मिला था। जिस काम का लाभ मिले। वहीं करना चाहिए। राजनीति में भी सियासी लाइन तय होनी चाहिए। बिहार जैसे राज्य में ये जो तजुर्बे हमने किए। चाहे जैसे भी रहे हों। जो लाभकारी काम नहीं है। जो लाभकारी साथ नहीं है, उसको छोड़ देना चाहिए। ये मेरी राय नहीं थी। वहां पर पहुंचे हुए तमाम लोगों की राय थी। जब राय है तो उस राय को मानना चाहिए। कांग्रेस नेता के मुताबिक सभी नेताओं की राय आरजेडी से अलग राह पर चलने की रही।

समाज के साथ जुड़ेंगे- कांग्रेस
शकील अहमद खान ने आगे कहा कि हम उस रास्ते पर चलेंगे, जिससे समाज के हर तबके को आगे ले जा सकें। उन्होंने कहा कि अपनी जमीन हम जब तक नहीं खड़ी करेंगे। हम बैसाखी के सहारे अपनी पार्टी को आगे नहीं लेकर जा सकते हैं। ये आम राय है। इस राय से मैं भी सहमत हूं। पार्टी में तमाम समुदाय को शामिल करके आगे बढ़ने का काम करना चाहिए। आरजेडी के साथ जाने का क्या नुकसान हुआ। इस सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान एक मुद्दा खड़ा हो जाता है। आरजेडी का बैगेज हमारे ऊपर भी होता है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग का वोट आप लेने में सक्षम नहीं हैं। कांग्रेस पार्टी का समर्थक ग्रुप भी ये कहता है कि साहब आप अकेले चलिए हम लोग आपके साथ आएंगे। लेकिन उसके लिए संघर्ष करना पड़ेगा।

आरजेडी से गठबंधन टूटेगा!
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि कांग्रेस अकेले चलकर आगे बहुत मजबूत होने वाली है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का जो सपना है, देश और राज्य में विकास करने और मेहनत के साथ आगे बढ़ने का उसे पूरा करना होगा। कांग्रेस पार्टी जिन राहों पर चली है। श्रीकृष्ण बाबु का भी बिहार था। वो बहुत ज्यादा इम्पावर्ड बिहार था। देश का सबसे बेहतर राज्य था। मुख्यमंत्री का चेहरा तेजस्वी को बनाने का नुकसान हुआ, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी समीक्षा हो चुकी है। उस पर बात करना जरूरी नहीं है। अब कांग्रेस पार्टी को समाज में जाना होगा। कुल मिलाकर उन्होंने साफ कर दिया कि आरजेडी के साथ पार्टी ठीक से आगे नहीं बढ़ पा रही है। वो आगे अकेले जाएगी।