पटना. बिहार की नई सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रियों के पास न केवल विभागों की जिम्मेदारी है, बल्कि उनकी निजी तिजोरियां भी काफी भारी हैं. सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, इस मंत्रिमंडल में 90 प्रतिशत से अधिक मंत्री करोड़पति हैं जो बिहार जैसे राज्य की सियासत में अमीरी की एक नई तस्वीर पेश करता है.बिहार मंत्रिमंडल के आंकड़ों में सबसे दिलचस्प पहलू महिला मंत्रियों की संपत्ति है. मिली जानकारी के अनुसार, महिला मंत्रियों की औसत संपत्ति पुरुष मंत्रियों के मुकाबले 5 गुना अधिक है.
रमा निषाद सबसे अमीर, संजय कुमार सबसे ‘गरीब’
पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद इस सरकार के सबसे अमीर मंत्री बनकर उभरे हैं. उनकी कुल संपत्ति 31.86 करोड़ रुपये आंकी गई है. समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता 29.34 करोड़ की संपत्ति के साथ कैबिनेट की दूसरी सबसे अमीर मंत्री हैं. उनकी पेशेवर पृष्ठभूमि (डॉक्टर) और निवेश ने उन्हें इस पायदान पर पहुंचाया है. वहीं, अमीरों की इस सूची में खाद एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी 22.39 करोड़ की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं. इसके विपरीत, लोजपा (रामविलास) के संजय कुमार कैबिनेट के सबसे ‘गरीब’ मंत्री हैं, जिनकी कुल संपत्ति मात्र 23 लाख रुपये है.