‘सरेंडर करने वाले की हत्या नहीं हो सकती’, जब भरत तिवारी के घर पहुंचे चिराग पासवान

आराः बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर केस चर्चा में बना हुआ है. अब भरत के घर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पहुंचे. उन्होंने परिवार से मुलाकात की है. उनका हालचाल जाना. उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. परिजनों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें भरत तिवारी के सरेंडर करने की बात दिखाई दे रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि जब उसने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो फिर उसका एनकाउंटर क्यों किया गया. चिराग ने कहा कि यदि वीडियो सही है तो यह बेहद गंभीर मामला है. इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान शुक्रवार को भरत तिवारी के घर पहुंचे. उन्होंने भरत तिवारी के पिता, मां, भाई और अन्य परिजनों से मुलाकात की. परिवार का हाल जाना और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया. मुलाकात के बाद चिराग पासवान ने कहा कि जो हुआ, वह पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण कर रहा है, तो उसकी हत्या नहीं की जा सकती. पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती थी, जांच कर सकती थी, लेकिन इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं की जा सकती.

मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिएः चिराग पासवान
चिराग पासवान ने कहा कि इस मामले में जिन लोगों पर आरोप हैं. उन सभी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के सामने भी उठाएंगे और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग करेंगे. जब उनसे 1400 करोड़ रुपये के कथित घोटाले और उससे जुड़े सबूतों के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर भरत तिवारी के पास कोई सबूत थे, तो उनकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि परिवार की आशंकाओं की भी जांच होनी चाहिए.

चिराग पासवान ने परिवार को ढांढस बंधाया
चिराग पासवान ने कहा कि भरत तिवारी अब वापस नहीं आ सकते, लेकिन परिवार को न्याय जरूर मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि परिवार की आंखों में दर्द साफ दिख रहा है और इस दर्द को केवल न्याय ही कम कर सकता है. मुलाकात के दौरान चिराग पासवान ने भरत तिवारी की मां को ढांढस बंधाया. परिवार ने उन्हें एक वीडियो भी दिखाया. दावा किया गया कि यह वीडियो एनकाउंटर से पहले का है. परिवार का कहना है कि इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है.

जरुरत पड़ने पर परिवार को सुरक्षा दिलाई जाएगी
चिराग पासवान ने परिवार से यह भी पूछा कि क्या उन्हें किसी तरह की धमकी मिल रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर जरूरत पड़ी तो सुरक्षा भी दिलाई जाएगी. उन्होंने कहा कि किसी को भी परिवार को डराने की इजाजत नहीं दी जाएगी. भरत तिवारी के पिता ने बताया कि चिराग पासवान ने भरोसा दिया है कि मामले में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अब उनके बेटे को न्याय मिलेगा.

आरोपियों के खिलाफ सख्स कार्रवाई की मांग की गई
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पहले उन्हें धमकियां मिली थीं. उनका कहना है कि उन्होंने यह बात चिराग पासवान को भी बताई है. परिवार ने मांग की कि मामले में शामिल सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई हो और उन्हें कड़ी सजा मिले. चिराग पासवान के दौरे के बाद परिवार ने उम्मीद जताई कि अब मामले की जांच तेज होगी और दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी.

कब हुआ भरत तिवारी का एनकाउंटर
17 जून 2026 को भरत ने फेसबुक लाइव पर पिस्तौल दिखाते हुए वीडियो पोस्ट किए. गांव की समस्याओं (बाढ़, विस्थापन) पर आवाज उठाई. पुलिस को सूचना मिली कि वह हवा में फायरिंग कर रहा है. पुलिस की थ्योरी के मुताबिक- पुलिस और STF टीम गांव पहुंची. भरत ने पिस्तौल तान ली और फायरिंग की. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली मारी (पैर पर) उसे शाहपुर अस्पताल, फिर आरा और पटना PMCH ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई. जबकि गांव वालों का आरोप है कि- भरत ने लाइव में सरेंडर किया, पिस्तौल फेंक दी. पुलिस ने फिर भी गोली मारी (5 गोली लगी). यह फेक एनकाउंटर था. सरेंडर से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ था.

कई नेताओं ने परिवार से की मुलाकात
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले पर सियासत जारी है. कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, सांसद राजीव रंजन उर्फ पप्पू यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बिलौटी गांव पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की. सभी नेताओं ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की.