दिवाली और छठ नजदीक आते ही ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है. जितनी भीड़ इन त्योहारों में नजर आती है इतनी पूरे साल भी कभी नजर नहीं आती है. ये समय रेलवे का सबसे व्यस्त समय होता है. ये वो समय है जब शहर में रहने वाले लोग अपने पूरे परिवार के साथ त्योहारों और शादियों में शामिल होने के लिए घर की तरफ निकल पड़ते हैं.
ऐसे में यात्रियों के बढ़ने से रेगुलर ट्रेनों को तो छोड़िए, स्पेशल ट्रेनों में भी सीट की कमी पड़ जाती है. सबसे ज्यादा मारा-मारी दिल्ली से यूपी और बिहार की ट्रेनों में होता है. ऐसे में रेवले ने उन रूटों की पहचान की जिन पर यात्रियों की ज्यादा भीड़ रहती है.
दिवली और छठ पूजा को देखते हुए रेलवे ने इस साल पिछले साल की तुलना में दोगुनी स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है, ताकि यात्रियों को सीट की परेशानी का सामना न करना पड़े.
सबसे अधिक भीड़ वाले दिल्ली और पटना रूट पर इस बार 596 ट्रिप तय की गई हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 280 थी. इसके अलावा, इस बार दो स्पेशल वंदे भारत ट्रेनें भी चलाई जाएंगी जो करीब एक महीने में 65 ट्रिप पूरी करेंगी.
रेलवे ने पटना के साथ गया, दरभंगा, भागलपुर, समस्तीपुर और धनबाद रूटों पर भी ट्रेनों की व्यवस्था की है. साथ ही सहरसा, जयनगर, वाराणसी, छपरा और प्रयागराज जैसे रूटों पर भी स्पेशल ट्रेनें चलाकर यात्रियों की सुविधा बढ़ाई जा रही है.