कटिहार: चौथी शादी के सिर्फ आठ महीने हुए थे। झोलाछाप ही सही, मगर उसके हसबैंड डॉक्टरी का काम करते थे। सबकुछ ठीकठाक चल रहा था। लेकिन, डॉक्टर साहब की नजर अपनी बीवी की जमीन-जायदाद पर थी। महिला को लगा कि इहलोक में सबकुछ ठीकठाक है तो परलोक को भी दुरुस्त कर लिया जाए। उसने अपने जमीन के एक हिस्से को मस्जिद के नाम पर दान कर दी। इसके बाद ‘डॉक्टर हसबैंड’ ने रात के अंधेरे में उसकी दुनिया ही उजड़ दी। कटिहार जिले के मनिहारी की घटना है। किस्मत मिर्जापुर गांव के लोग भी हैरान हैं। फरीरूद्दीन नाम के शख्स ने अपनी 42 वर्षीय पत्नी जहानुर की बेरहमी से हत्या कर दी।
जहानुर की चौथी शादी ने उजाड़ी दुनिया
बताया गया कि फरीरूद्दीन ने केवल संपत्ति और गहनों के लालच में आठ महीने पहले जहानुर से निकाह किया था। जहानुर की ये चौथी शादी थी, जबकि फरीरूद्दीन की दूसरी। विवाद तब गहराया जब जहानुर ने अपनी कीमती जमीन का एक हिस्सा मस्जिद को दान कर दिया। इस फैसले से आगबबूला होकर पति ने उसका गला दबा दिया और मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी फरीरूद्दीन पहले से शादीशुदा था, लेकिन जहानुर की संपत्ति और सोने-चांदी के गहनों पर उसकी नीयत खराब थी। जहानुर के पिछले तीन पतियों का इंतकाल हो चुका था, जिसके बाद उसने फरीरूद्दीन से सहारा पाने की उम्मीद में निकाह किया था। आरोपी अक्सर गांव वालों से कटा-कटा रहता था और उसका मुख्य उद्देश्य पत्नी की जमीन हथियाना था।
मस्जिद को दान की जमीन बनी मौत की वजह
जहानुर के पास कीमती ‘डीहबाड़ी’ जमीन थी। जब उसने इस जमीन को धार्मिक कार्य के लिए मस्जिद को दान कर दिया, तो फरीरूद्दीन का धैर्य जवाब दे गया। उसे डर था कि हाथ से संपत्ति निकल रही है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होने लगा था। आखिरकार लालच में अंधे होकर पति ने अपनी ही पत्नी की जान ले ली।
ग्रामीणों ने की फांसी की सजा की मांग
एसडीपीओ विनोद कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। मृतका के मायके वालों और ग्रामीणों ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है। पुलिस की विशेष टीमें आरोपी झोलाछाप डॉक्टर को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।