दो घंटे की बारिश से बदला मौसम, 44 डिग्री की गर्मी से राहत; शहर की सड़कों और सरकारी दफ्तरों में जलजमाव

पटना: सासाराम में कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस का सामना कर रहे लोगों को शनिवार शाम बड़ी राहत मिली। सासाराम शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं किसानों ने भी इस बारिश का स्वागत किया है।

44 डिग्री तक पहुंच गया था तापमान
पिछले कई दिनों से जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी था। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा था। तेज धूप और उमस के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था। शनिवार को हुई बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और गर्मी का असर काफी हद तक कम हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने के साथ-साथ बिजली कटौती की समस्या से भी कुछ राहत मिली है।

दो घंटे की बारिश में डूबा शहर
एक ओर बारिश ने गर्मी से राहत दी, तो दूसरी ओर नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल भी खोल दी। महज दो घंटे की बारिश में शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। बौलिया रोड, धर्मशाला रोड, संत पॉल रोड, प्रभाकर रोड, नूरनगंज और चौखंडी पथ समेत कई प्रमुख क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया। कई जगहों पर नालों का पानी घरों और दुकानों में घुस गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सरकारी दफ्तरों और सदर अस्पताल में भी भरा पानी
बारिश के बाद जिला मुख्यालय स्थित कई सरकारी कार्यालयों के परिसर में जलभराव देखने को मिला। सदर अस्पताल सासाराम भी जलजमाव की समस्या से अछूता नहीं रहा। अस्पताल परिसर में पानी भरने से मरीजों और उनके परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

किसानों के लिए फायदेमंद साबित हुई बारिश
बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि इस प्री-मानसून बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी। इससे कृषि कार्यों को गति मिलेगी और सिंचाई की जरूरत भी कम होगी।

हालांकि, कुछ किसानों ने आशंका जताई है कि लगातार बारिश होने पर सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बावजूद अधिकांश किसानों ने इस बारिश को कृषि के लिए लाभदायक बताया है।