सहरसा : सहरसा जिले के कनरिया थाना क्षेत्र में नशे के एक अजीबोगरीब शौक ने तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए। फरेबा टोला वार्ड-4 में शनिवार को चार दोस्तों ने एक साथ कीटनाशक दवा पी ली। इस घटना में दो दोस्तों की मौत शनिवार को ही हो गई थी, जबकि तीसरे दोस्त मुरारी कुमार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, चौथे दोस्त सनोज कुमार का इलाज पड़ोस के खगड़िया जिले में चल रहा है।
अस्पताल के बेड से सनोज का बड़ा खुलासा
इलाजरत सनोज कुमार ने अस्पताल के बेड से एक वीडियो के जरिए ऐसा खुलासा किया, जिसने पुलिस और परिजनों दोनों को हैरान कर दिया है। सनोज का कहना है कि उन्होंने और उनके दोस्तों ने आत्महत्या की कोशिश नहीं की थी।
‘सुसाइड नहीं, नशे के लिए पिया था फेराडोन’
सनोज कुमार के अनुसार, वे चारों अक्सर साथ रहते थे। शनिवार को उन्होंने नशे के लिए कीटनाशक ‘फेराडोन’ का सेवन किया था। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह जानलेवा साबित होगा।
डांस के शौकीन थे दोस्त, अब पसरा मातम
मृतकों की पहचान मुरारी कुमार, सन्नी देओल और राजा कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
मुरारी कुमार: मृतक की मां सिरजेन देवी ने बताया कि मुरारी उनका बड़ा बेटा था। उसे बचपन से नाच-गाने का शौक था और वह अक्सर लड़कियों के कपड़े पहनकर ‘लौंडा डांस’ करता था। शनिवार दोपहर जब वह लड़खड़ाते हुए घर पहुंचा, तो उसके मुंह से झाग निकल रहा था। अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई।
सन्नी देओल: मृतक के चाचा धर्मेंद्र कुमार के मुताबिक, सन्नी घर का इकलौता बेटा था और महज छह महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
राजा कुमार: राजा के पिता ने बताया कि वह दिल्ली-पंजाब में मजदूरी करता था और दो महीने पहले ही घर लौटा था। वह अपने पीछे दो मासूम बेटियां—एक ढाई साल की और दूसरी पांच महीने की—छोड़ गया है।
पुलिस ने गठित की एसआईटी, जांच तेज
घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सहरसा पुलिस ने देर रात तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जो पूरे मामले की गहन जांच करेगी। शनिवार को घटना की सूचना मिलते ही स्वयं जिलाधिकारी दीपेश कुमार, एसपी हिमांशु, एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर और इंस्पेक्टर शुजाउद्दीन दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वहीं, एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल से सभी जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।