Budget 2026: 30 लाख की इनकम पर 20% टैक्‍स! Tax पेयर्स के ल‍िए होगा बड़ा ऐलान? होगी 7 लाख की बचत

Nirmala Sitharaman: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प‍िछले द‍िनों राजधानी दिल्ली में प्रमुख इकोनॉम‍िस्‍ट के साथ पहली प्री-बजट कंसलटेशन मीट‍िंग की अध्यक्षता की. इस मीट‍िंग के साथ इंडस्‍ट्री और टैक्‍सपेयर्स को सरकार से क्‍या उम्‍मीदें हैं, यह सुर्ख‍ियों में आ गया है. PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) ने फाइनेंस म‍िन‍िस्‍ट्री को बजट 2026-27 के लिए मई सिफारिशें सौंपी हैं. इन स‍िफार‍िशों में डायरेक्‍ट और इनडायरेक्‍ट टैक्‍स सुधार दोनों ही शामिल हैं. इसका मकसद मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के साथ ही देश को ग्‍लोबल हब बनाना है.

पर्सनल इनकम टैक्‍स स्‍लैब में कटौती का प्रस्‍ताव
टैक्‍सपेयर्स की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ाने के लिए PHDCCI की तरफ से पर्सनल इनकम टैक्‍स स्‍लैब में कटौती का प्रस्‍ताव द‍िया गया है. इसके अनुसार 30 लाख रुपये तक की आमदनी पर 20%, 50 लाख तक की इनकम पर 25% और इसके बाद 30% टैक्स की बात कही गई है. इससे म‍िड‍िल क्‍लास पर बोझ कम होगा. चैंबर की तरफ से फेसलेस अपील के लिए एक तय टाइम ल‍िम‍िट, शेयर बायबैक पर कैपिटल गेन टैक्स, MSME भुगतान नियमों में छूट, रिवाइज्ड रिटर्न की टाइम ल‍िम‍िट बढ़ाने जैसे सुधार की मांग की गई है.

पत्‍नी के नाम पर प्रॉपर्टी लेने पर कैप‍िटल गेन में छूट
PHDCCI की तरफ से सेस और सरचार्ज को सिंगल रेट में मर्ज करने, पत्‍नी के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने पर कैप‍िटल गेन टैक्‍स में छूट, मर्जर-डिमर्जर में MAT क्रेडिट ट्रांसफर, अनक्लेम्ड TDS क्रेडिट के लिए रिविजन स‍िस्‍टम जैसे सुझाव द‍िये गए. चैंबर की तरफ से इनकम टैक्स के सेक्‍शन 115BAB को फ‍िर से लागू करने की मांग की गई. नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को 15% रियायती कॉर्पोरेट टैक्स देती थी. कोविड-19 और ग्‍लोबल प्रॉब्‍लम के कारण इंडस्‍ट्री इसका पूरी तरह से फायदा नहीं उठा पाई.

GST में क्‍या बदलाव सुझाए गए?
इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के मामले पर PHDCCI ने CGST एक्ट के सेक्‍शन 11A में संशोधन की स‍िफार‍िश की है. इससे रेट्रोस्पेक्टिव छूट से पहले भरे टैक्स पर रिफंड मिल सकेगा. इससे एक्साइज और कस्टम्स एक्ट के साथ समानता बनेगी. चैंबर की तरफ से कहा गया क‍ि इन सुधारों के दम पर इनवेस्‍टमेंट को आकर्ष‍ित क‍िया जा सकेगा. PHDCCI का दावा है क‍ि इन सिफारिशों के दम पर म‍िड‍िल क्‍लास को राहत, मैन्युफैक्चरिंग बूस्ट और टैक्‍स स‍िस्‍टम को आसान बनाया जा सकेगा.

अभी क्‍या है इनकम टैक्‍स स्‍लैब
मौजूदा न्‍यू टैक्‍स र‍िजीम के तहत चार लाख से 8 लाख रुपये तक की इनकम पर 5 प्रत‍िशत, 8 से 12 लाख रुपये तक की इनकम पर 10 प्रत‍िशत, 12 से 16 लाख रुपये पर 15 प्रत‍िशत, 16 से 20 लाख रुपये तक की इनकम पर 20 प्रत‍िशत, 20 से 24 लाख रुपये की इनकम पर 25 प्रत‍िशत और 24 लाख रुपये से ज्‍यादा की इनकम पर 30 प्रत‍िशत का इनकम टैक्‍स लगता है. लेक‍िन अब PHDCCI ने 30 लाख रुपये तक की आमदनी पर 20%, 50 लाख तक की इनकम पर 25% और 50 लाख से ज्‍यादा पर 30% टैक्स लगाने की बात कही है.

क‍ितना होगा फायदा?
अभी 24 लाख रुपये से ज्‍यादा की सालाना आमदनी पर 30 प्रत‍िशत का इनकम टैक्‍स लगता है. लेक‍िन PHDCCI की तरफ से मांग की गई है क‍ि 50 लाख रुपये से ज्‍यादा की आमदनी पर 30 प्रत‍िशत टैक्‍स लगाया जाए. अगर इस पर अमल क‍िया जाता है तो इस ब्रेक‍िट में आने वाले टैक्‍स पेयर को 7 लाख रुपये से भी ज्‍यादा का फायदा होगा.