EPFO Update 2025: एंप्लाईज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने 238वें सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं. इसका फायदा 30 करोड़ से ज्यादा मेंबर्स को होगा. केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई एंप्लॉईज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन के बोर्ड की बैठक में तमाम बड़े फैसले लिए गए हैं.
‘एलिजिबल बैलेंस’
238वीं सीबीटी बैठक में राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, श्रम सचिव रमेश कृष्णमूर्ति और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे. जिसमें 30 करोड़ से अधिक EPF मेंबर्स के लिए पारदर्शिता और सर्विस को बढ़ाने के लिए नए पोर्टफोलियो मैनेजर्स और डिजिटल अपग्रडेशन के चयन को भी मंजूरी दी गई. EPFO के मुताबिक, अब कर्मचारी अपने खाते से 100% ‘एलिजिबल बैलेंस’ यानी कर्मचारी और एंप्लॉयर दोनों हिस्से को निकाल सकेंगे. इस बैठक में EPF स्कीम के आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव करने का फैसला किया गया है.
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर जोर
EPFO की बैठक में EPFO 3.0 के तहत डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन फ्रेमवर्क को भी मंजूरी दी गई. इससे EPFO की सर्विस बैंकिंग स्तर पर और तेज तथा सुरक्षित बनेंगी. इसमें कोर बैंकिंग सॉल्यूशन, क्लाउड-बेस्ड सिस्टम और ऑटोमेटेड क्लेम सेटलमेंट शामिल किया गया है.
क्या होगा फायदा?
EPFO मेंबर्स को अब इंस्टेंट विदड्रॉल, मल्टीलिंगुअल सेल्फ सर्विस और पारदर्शी कंट्रीब्यूशन प्रक्रिया मिलेगी. इसके साथ ही ‘पासबुक लाइट’ और ऑनलाइन एनएक्सचर K जैसे डिजिटल फीचर्स भी लॉन्च किए गए हैं. इससे मेंबर अपने खाते की जानकारी कहीं से भी देख पाएंगे.
अभी क्या हैं नियम?
कर्मचारी भविष्य निधि (PF) का पूरा पैसा केवल दो स्थितियों में निकाला जा सकता है. अगर आप नौकरी नहीं कर रहे हो या रिटायरमेंट हो चुका हो. अगर कोई मेंबर नौकरी नहीं कर रहा हो तो उसे 1 महीने बाद अपने PF बैलेंस का 75% निकालने की अनुमति होती थी और शेष 25% दो महीने बाद निकाला जा सकता था.