रायपुर/सुकमा. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में आईईडी विस्फोट में शहीद हुए एडीशनल एसपी आकाश राव गिरपुंजे की पत्नी स्नेहा गिरपुंजे को राज्य सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए डीएसपी (Deputy Superintendent of Police) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी है. उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने दृढ़ निश्चय को व्यक्त करते हुए कहा, “जानती हूं, पुलिस की नौकरी आसान नहीं, लेकिन साहेब (पति) मुझे कभी कमजोर नहीं देख सकते थे. वर्दी हमेशा साहेब के करीब रखेगी और मैं सभी चुनौतियां स्वीकार करती हूं.”
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कैबिनेट के विशेष आदेश के तहत यह संवेदनशील निर्णय लिया गया है, जो शहीद परिवार को सरकारी सेवा में सहारा देने के राज्य सरकार के उद्देश्य को बताता है. स्नेहा गिरपुंजे ने अपनी इस नई पारी के लिए पुलिस विभाग को चुना, जबकि उन्हें अन्य विभागों में भी अनुकंपा नियुक्ति का विकल्प मिला था. यह भावना उनके शहीद पति के कार्य और विभाग के प्रति उनकी गहरी निष्ठा और सम्मान को बताता है.
कोंटा-गोलापल्ली मार्ग पर नक्सलियों के आईईडी विस्फोट में शहीद हुए थे आकाश
शहीद एएसपी आकाश राव गिरपुंजे 9 जून को सुकमा के कोंटा-गोलापल्ली मार्ग पर नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी विस्फोट में वीरगति को प्राप्त हुए थे. इस घटना में उनके साथ एडीओपी और टीआई भी घायल हुए थे. रायपुर के निवासी आकाश राव का चयन पीएससी 2013 में हुआ था. उन्होंने अपने करियर में सीएसपी रायपुर, महासमुंद और दुर्ग में एडिशनल एसपी के रूप में महत्वपूर्ण सेवाएं दीं और उन्हें 2019-20 में पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया था.
स्नेहा गिरपुंजे की पहली पोस्टिंग चंदखुरी पुलिस अकादमी में
डीएसपी के रूप में स्नेहा गिरपुंजे की पहली पोस्टिंग चंदखुरी पुलिस अकादमी में हुई है. राज्य सरकार ने उन्हें इस नियुक्ति के साथ 9 अनिवार्य शर्तें भी दी हैं, जिनका पालन करना आवश्यक होगा. स्नेहा की यह नियुक्ति न केवल उनके परिवार के लिए सम्मान और सहारे का प्रतीक है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील नीति और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस परिवारों के प्रति उनके समर्पण को भी दर्शाती है. शहीद ASP की पत्नी का पुलिस सेवा में शामिल होना अन्य पुलिसकर्मियों और समाज के लिए एक गहरी प्रेरणा का स्रोत है, जो परिवार और राज्य के बीच गहरे सम्मान और निष्ठा का संदेश देता है. यह कदम राज्य पुलिस बल के बलिदान को याद करने और उसे सम्मान देने की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है.