हरियाणा में 17 जून तक आंधी-तूफान के साथ झमाझम होगी बारिश, फिर उमस भरी गर्मी करेगी परेशान

हिसार। हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में बड़े पैमाने पर वर्षा का दौर फिलहाल थम गया है, लेकिन अगले तीन-चार दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 15 जून से सक्रिय हो रहे कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 17 जून तक प्रदेश में तेज हवाएं, आंधी-अंधड़, बादलों की आवाजाही व कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश के मध्य हिस्सों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ एक ट्रफ लाइन भी सक्रिय है। जिसके प्रभाव से राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी व ओलावृष्टि दर्ज की जा रही है।

इसका असर हरियाणा के दक्षिणी जिलों में भी देखने को मिला है। शनिवार को चरखी दादरी, रेवाड़ी के कोसली क्षेत्र में आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि झोझू कलां क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। आगामी दिनों में भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में इसी प्रकार की छिटपुट मौसम गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

जून के दूसरे पखवाड़े में प्री-मानसून गतिविधियां बढ़ेंगी, लेकिन 19 जून के बाद पश्चिमी शुष्क हवाओं के प्रभाव से तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। इससे दिन और रात दोनों के तापमान में इजाफा होगा तथा लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। कुछ क्षेत्रों में हीट वेव जैसी परिस्थितियां बनने की भी आशंका है।

उन्होंने बताया कि 22 जून के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम में दोबारा बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र विकसित नहीं होने के कारण हरियाणा-एनसीआर में मानसून के निर्धारित समय पर पहुंचने की संभावना कम दिखाई दे रही है।

रविवार को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान रोहतक में 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान भिवानी में 19.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। हिसार में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से नीचे बना हुआ है।