नूंह: हरियाणा के नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका शहर में सीवर लाइन की सफाई करने उतरे दो कर्मचारियों की दम घुटने से मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक सीवरेज की सफाई करने के लिए तीन कर्मचारी सीवर के अंदर उतरे, लेकिन कुछ ही देर में जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने जब स्थिति बिगड़ती देखी, तो तुरंत उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की। लेकिन दो कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरे कर्मचारी को गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ही सीवर में उतारा
हादसा बीती रात करीब 10 बजे का बताया जा रहा है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखा गया। लोगों का कहना है कि कर्मचारियों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ही सीवर में उतार दिया गया था। ना तो उन्हें गैस मास्क दिए गए और ना ही कोई अन्य जरूरी सुरक्षा किट। ऐसे में जहरीली गैस का असर सीधे उनके शरीर पर पड़ा, जिससे ये हादसा हुआ। लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे सीधी लापरवाही बताया है।
तीन मजदूर सीवर की सफाई कर रहे थे, जिनमें से दो की मौत हो गई। एक अस्पताल में भर्ती है। ठेकेदार के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि सीवर सफाई का काम एक ठेकेदार को दिया गया था। हादसे के बाद वो मौके से फरार हो गया, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर काम सही तरीके से और नियमों के तहत कराया जाता, तो शायद ये हादसा टल सकता था। अब लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों में एक मजदूर पलवल जिले का रहने वाला है।