महेंद्रगढ़; महेंद्रगढ़ जिले के गांव डेरोली अहीर में एक ऐसा शख्स है, जिसके बारे में कहा जाता है कि उसके सामने मौसम भी मानो बेअसर हो जाता है. गांव के रहने वाले संतलाल का दावा है कि उन्हें सर्दियों में गर्मी और गर्मियों में सर्दी का एहसास होता है. इसी अनोखी वजह से वे इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन भी उन्हें कई बार सम्मानित कर चुका है.
आज तक नहीं हुई कोई गंभीर बीमारी- संतलाल
महेंद्रगढ़ जिले के गांव डेरोली अहीर निवासी संतलाल अपने अनोखे शारीरिक अनुभवों के कारण प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं. संतलाल का कहना है कि उन्हें आज तक कोई गंभीर बीमारी नहीं हुई. उनका दावा है कि बचपन से ही उन्हें मौसम का एहसास सामान्य लोगों से बिल्कुल अलग होता है. जहां इन दिनों जिले का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है और लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं. वहीं संतलाल दो गर्म कंबल ओढ़े हुए दिखाई देते हैं. इतना ही नहीं, वे ठंड महसूस होने पर अलाव जलाकर उसके सामने बैठते हैं. हैरानी की बात यह है कि इतनी गर्मी के बावजूद उनके शरीर पर पसीने की एक बूंद तक दिखाई नहीं देती.
सर्दियों में महसूस होती है गर्मी और गर्मियों में सर्दी
संतलाल का कहना है कि सर्दियों में उन्हें गर्मी महसूस होती है, जबकि गर्मियों में सर्दी लगती है. उनका यह भी दावा है कि कड़ाके की ठंड के दौरान वे बर्फ की सिल्ली पर लेटते हैं, सुबह करीब पांच बजे तालाब में स्नान करते हैं और दिन का अधिकांश समय पानी में बिताते हैं. उनका कहना है कि बचपन से ही उनकी शारीरिक स्थिति ऐसी है और उन्हें कभी कोई गंभीर बीमारी नहीं हुई.
जिला प्रशासन भी कई बार कर चुका है सम्मानित
संतलाल के दावों की सच्चाई जानने के लिए हमने गांव के लोगों से भी बात की. ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई दिखावा या नाटक नहीं है, बल्कि वे बचपन से ही ऐसे हैं. संतलाल बताते हैं कि जिला प्रशासन उन्हें सम्मानित कर चुका है और समय-समय पर उनकी मदद भी की है. उनके अनुसार, बाहर से आई चिकित्सकों की टीम ने भी उनकी जांच की, लेकिन उनकी इस अनोखी स्थिति का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका.
किसी अजूबे से कम नहीं है गांव का संतलाल- ग्रामीण
संतलाल का यह भी दावा है कि उन्होंने बर्फ पर सबसे अधिक समय तक लेटने का रिकॉर्ड तोड़ा है. गांव के लोग बताते हैं कि संतलाल को उनके नाम से कम और ‘मौसम विभाग’ के नाम से ज्यादा जाना जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव का यह शख्स किसी अजूबे से कम नहीं है. उनका मानना है कि संतलाल को वास्तव में सर्दियों में गर्मी और गर्मियों में सर्दी का एहसास होता है. उनका कहना है कि चिकित्सकों ने भी उनकी विभिन्न जांचें की हैं, लेकिन उनकी इस स्थिति का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया. ग्रामीण इसे प्रकृति का अनोखा वरदान मानते हैं.