बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश के विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नैना देवी मंदिर में माता की कृपा का एक और चमत्कार सामने आया है। आस्था, विश्वास और श्रद्धा से जुड़ा यह प्रसंग न केवल भक्तों की आस्था को और मजबूत करता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती।
बिलासपुर से माता श्री नैना देवी के दर्शनों के लिए पहुंची एक महिला ने माता के दरबार में अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि माता की कृपा से उसकी आंखों की रोशनी पूरी तरह से ठीक हो गई है। महिला दलिपि देवी ने बताया कि कुछ समय पहले उसकी एक आंख की रोशनी अचानक खराब हो गई थी। आंखों की परेशानी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी, जिससे उसका दैनिक जीवन प्रभावित होने लगा था।
परिवार के साथ महिला दलिपि देवी
दलिपि देवी ने बताया कि उन्होंने आंखों का कई जगह इलाज करवाया, डॉक्टरों को दिखाया और दवाइयां भी लीं, लेकिन किसी भी उपचार का कोई खास असर नहीं हुआ। निराशा के इस दौर में उन्होंने माता श्री नैना देवी पर अटूट विश्वास रखते हुए उनके दरबार में मनौती मांगी।
उन्होंने माता रानी से प्रार्थना की कि यदि उनकी आंखों की रोशनी ठीक हो जाए तो वह माता के चरणों में चांदी के नेत्र अर्पित करेंगी। महिला का कहना है कि माता के दरबार में मनौती करने के कुछ ही समय बाद उनकी आंखों की रोशनी में सुधार होने लगा और धीरे-धीरे उनकी आंख पूरी तरह से ठीक हो गई। इस चमत्कार को माता की असीम कृपा बताते हुए दलिपि देवी भावुक हो उठीं।
मनौती पूर्ण होने के बाद दलिपि देवी अपने परिवार के साथ माता के दरबार में पहुंचीं और श्रद्धा भाव से चांदी के नेत्र अर्पित किए। इस अवसर पर उनके साथ उनके बेटे नरेश और सुरेश भी उपस्थित रहे। परिवार ने माता रानी का धन्यवाद करते हुए पूजा-अर्चना की और माता की महिमा का गुणगान किया। माता श्री नैना देवी के दरबार में आए श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां आज भी माता अपने भक्तों की सच्चे मन से की गई प्रार्थनाएं सुनती हैं। यह घटना एक बार फिर इस बात की पुष्टि करती है कि जहां अटूट श्रद्धा और विश्वास होता है, वहां असंभव भी संभव हो जाता है।