चंबा। चुराह के भाजपा विधायक डॉ. हंसराज के विरुद्ध यौन शोषण मामले में वीरवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में आरोप तय हुए। अदालत ने सुनवाई 30 मार्च को निर्धारित की है। इस दिन विधायक और पीड़िता को अदालत में उपस्थित होना होगा।
अदालत में कैमरे के समक्ष पीड़िता के बयान दर्ज किए जाएंगे। विधायक वीरवार को कोर्ट में पेश हुए। सात नवंबर, 2025 को चुराह क्षेत्र की युवती ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से विधायक पर गंभीर आरोप लगाए। युवती ने आरोप लगाया था कि जब वह नाबालिग थी तो बहला-फुसलाकर उसका यौन शोषण किया गया। उसी दिन महिला थाना चंबा में पोक्सो अधिनियम सहित अन्य धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई।
विधायक ने 10 नवंबर, 2025 को अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। 11 नवंबर, 2025 को अदालत ने उन्हें अंतरिम अग्रिम जमानत दी थी, जो 22 नवंबर, 2025 तक प्रभावी रही। 22 नवंबर, 2025 को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा और 27 नवंबर 2025 को अंतरिम जमानत को नियमित जमानत में बदल दिया।
पुलिस ने चार बार की पूछताछ
विधायक ने न्यायालय में मुचलका भरते हुए प्रत्येक पेशी पर उपस्थित रहने का आश्वासन दिया। जांच के दौरान पुलिस ने विधायक से चार बार पूछताछ की। उनकी पत्नी का भी एक बार बयान दर्ज किया गया। मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए मंडी जिले के नाचन से विधायक विनोद कुमार से भी पूछताछ की गई। युवती के पिता ने मीडिया के सामने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को बयान बदलने के लिए धमकाया गया था और उन्हें शिमला ले जाकर डराया गया था। पिता की शिकायत पर विधायक के निजी सचिव व एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था।
30 मार्च को होगी सुनवाई
नियमित जमानत मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए निर्धारित समय के भीतर 21 जनवरी 2026 को चंबा न्यायालय में चालान पेश कर दिया। चालान दाखिल होने के साथ ही मामला न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया। अब 30 मार्च को होने वाली सुनवाई में अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील गवाह प्रस्तुत करेंगे, जिनकी जिरह विधायक पक्ष के अधिवक्ता द्वारा की जाएगी।
इन धाराओं में आरोप तय चुराह के विधायक हंसराज के खिलाफ गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 238, 351(2), 69, 75 और 78 शामिल हैं। इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एफ) तथा पोक्सो अधिनियम की धारा-6 भी जोड़ी गई है। ये धाराएं गंभीर यौन अपराध, हमला और अन्य दंडनीय कृत्यों से संबंधित हैं।